ब्रेकिंग
Mahasamund News: महासमुंद में आकाशीय बिजली का कहर, घर में लगी भीषण आग; पिरदा में एक किसान की मौत Korea News: भूख और बीमारी से जूझ रहा बचरा पोड़ी का ये परिवार, अपाहिज युवक और बीमार मां के पास इलाज क... मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: पेट्रोल पंप ड्राई होने से बढ़ी कालाबाजारी, केल्हारी में ₹150 तक पहुंचा रे... Chhattisgarh News: कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की मांग, ईंधन संकट के बीच फेडरेशन ने सीएम को ... Dhamtari Petrol Crisis: धमतरी में पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार, पंपों पर लगी लंबी कतारें; कई पंप हुए ... IGKV Raipur Convocation: इंदिरा गांधी कृषि विवि में 11वां दीक्षांत समारोह, 1880 छात्र-छात्राओं को मि... Jalandhar Crime: जालंधर के कबीर नगर में दो गुटों में खूनी संघर्ष, जमकर चले ईंट-पत्थर और गोलियां Patiala Central Jail: पटियाला पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन, फरार कैदियों की तलाश में CIA की छापेमारी Amritsar News: अमृतसर में अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, ADA ने वडाला भिट्टेवड्ड में की बड़ी कार्र... Punjab Haryana High Court: बैंक खाता फ्रीज करने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी बैंकिंग नहीं रोक सकत...

Chhattisgarh News: कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ की मांग, ईंधन संकट के बीच फेडरेशन ने सीएम को लिखा पत्र

रायपुर: पश्चिम एशिया संकट और युद्ध जैसे हालात की वजह से पूरे विश्व में ईंधन संकट के हालात पैदा हो गए हैं। भारत में भी पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ा है। ऐसे हालात में देश के अंदर ईंधन संरक्षण की अपील सरकार की तरफ से की गई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य में ‘वर्क फ्रॉम होम’ कार्य प्रणाली लागू करने की मांग की है। फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है।

✉️ फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र: पीएम मोदी की अपील का दिया हवाला

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने वर्क फ्रॉम होम की मांग को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भी ऊर्जा संरक्षण एवं अनावश्यक आवागमन को कम करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। कमल वर्मा के अनुसार, पीएम का यह निर्णय एवं अपील स्वागत योग्य और समय के अनुकूल है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों में आम जनता की सुविधा हेतु ई-ऑफिस एवं पेपरलेस कार्यप्रणाली पहले से लागू की जा चुकी है, जो WFH को आसान बनाती है।

💻 डिजिटल कार्यप्रणाली पर जोर: ऑनलाइन माध्यम से पूरे हो सकते हैं प्रशासनिक कार्य

कमल वर्मा ने पत्र में स्पष्ट किया कि वर्तमान डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अधिकांश प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्य ऑनलाइन माध्यम से सफलतापूर्वक किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “राज्य में भी तत्काल प्रभाव से आवश्यकता के अनुसार वर्क फ्रॉम होम कार्यप्रणाली लागू किया जाना व्यावहारिक एवं जनता के लिए फायदेमंद साबित होगा।” इससे सरकारी कामकाज की गति भी बनी रहेगी और कर्मचारियों को ईंधन की बढ़ती कीमतों और कमी से राहत मिलेगी।

⛽ भारी मात्रा में ईंधन की होगी बचत: प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव में आएगी कमी

कमल वर्मा ने आगे कहा कि नवा रायपुर स्थित मंत्रालय एवं विभिन्न शासकीय कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी निजी एवं शासकीय वाहनों से आते-जाते हैं। वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू होने से ईंधन की बड़ी मात्रा में बचत होगी। इसके साथ ही सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और पर्यावरण प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। फेडरेशन ने अपील की है कि वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय सहित सभी शासकीय कार्यालयों में इसे तुरंत लागू किया जाए।

🏛️ मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों पर ध्यान: नवा रायपुर के सफर में खर्च होता है अधिक ईंधन

फेडरेशन का मानना है कि नवा रायपुर की दूरी शहर से अधिक होने के कारण हजारों कर्मचारी प्रतिदिन लंबा सफर तय करते हैं। वर्क फ्रॉम होम लागू होने से न केवल ईंधन बचेगा, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेती है और क्या छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में एक बार फिर डिजिटल मोड में काम करने की तैयारी शुरू होती है।