फतेहाबाद शहर स्थित पॉली क्लीनिक में कार्यरत एक डॉक्टर पर सभी महिला स्टाफ सदस्यों ने गंभीर आरोप जड़े हैं। इन 10 से ज्यादा महिला सदस्यों ने पहले मीडिया के सामने अपनी शिकायत रखी और फिर कार्यकारी सीएमओ डॉ. बुधराम के सामने डॉक्टर को खूब खरी-खोटी सुनाई। महिला स्टाफ सदस्यों ने अपनी लिखित शिकायत में डॉक्टर के व्यवहार को असुरक्षित बताया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
📋 “मिस और मिसेज” पर विवाद: 1 मई को कार्यभार संभालने के बाद शुरू हुई शिकायतें
महिला स्टाफ ने बताया कि वे साल 2013 से यहां कार्यरत हैं, जबकि आरोपी डॉक्टर ने 1 मई को अतिरिक्त एसएमओ के रूप में कार्यभार संभाला था। आरोप है कि 11 मई को डॉक्टर ने हाजिरी रजिस्टर मंगाकर महिला स्टाफ के नाम के आगे ‘मिस’ लिखे होने पर आपत्ति जताई। जब स्टाफ ने कहा कि वे शादीशुदा हैं, तो डॉक्टर ने टिप्पणी की कि नाम के आगे ‘मिसेज’ होना चाहिए ताकि पता चले कि कौन विवाहित है और कौन नहीं। इसके साथ ही उन्होंने ऑफिस की बातें घर न ले जाने और “फ्रेंडली माहौल” बनाने जैसी बातें कहीं।
🚫 ओपीडी स्लिप और अभद्र भाषा: डॉक्टर पर लगे मर्यादा लांघने के आरोप
महिला स्टाफ सदस्यों ने आरोप लगाया कि इसके बाद डॉक्टर ने एक महिला की सीट पर बैठकर ओपीडी स्लिप हाथ में ली और कहा, “क्या मजेदार पर्ची है, हाथ में लेते ही अच्छी लग रही है।” आरोप है कि इसके बाद उन्होंने स्लिप पर लिखे शब्दों को लेकर महिला स्टाफ से बेहद अशोभनीय और गंदी बातें कीं। बार-बार गंदे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने से महिला स्टाफ खुद को अपमानित और असुरक्षित महसूस कर रहा है।
🛡️ सुरक्षा की मांग और चेतावनी: “डॉक्टर के रहते महिला स्टाफ सुरक्षित नहीं”
महिला स्टाफ ने सीएमओ से अनुरोध किया है कि उक्त डॉक्टर के रहते पूरा स्टाफ सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। शिकायत में सवाल उठाया गया है कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने डर जताया कि यदि इस पर रोक नहीं लगी, तो डॉक्टर दोबारा और भी गंदी हरकतें कर सकता है। स्टाफ ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
📢 डॉक्टर की सफाई और विभाग का एक्शन: आरोपी को भेजा जा रहा डेपुटेशन पर
इस मामले में आरोपी डॉक्टर नरेंद्र ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला स्टाफ को गलतफहमी हुई है, लेकिन अगर उन्हें बुरा लगा है तो वह माफी मांगते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. बुधराम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपी डॉक्टर को फिलहाल डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है। विभाग के उच्च अधिकारियों को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है और आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।