MP News: बीच रास्ते में रुका सीएम मोहन यादव का काफिला, पुलिस अधिकारी की ‘इस’ हरकत पर भड़के मुख्यमंत्री; कलेक्टर-एसपी की लगाई क्लास
जबलपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी सहजता के साथ-साथ अनुशासन के मामले में भी काफी सख्त माने जाते हैं। सोमवार को जबलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का एक ऐसा ही सख्त रुख देखने को मिला, जब उन्होंने प्रोटोकॉल का पालन न करने वाले एक पुलिस अधिकारी की कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री ने न केवल अपना काफिला रुकवाया, बल्कि मौके पर ही जिले के कलेक्टर और एसपी को बुलाकर नाराजगी जाहिर की।
क्या थी पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जबलपुर प्रवास के बाद सर्किट हाउस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर वहां सुरक्षा में तैनात एएसपी (ASP) स्तर के एक अधिकारी पर पड़ी। बताया जा रहा है कि अधिकारी मुख्यमंत्री के सामने कमर पर हाथ रखकर खड़े थे। अधिकारी की यह ‘बॉडी लैंग्वेज’ और व्यवहार मुख्यमंत्री को रास नहीं आया और उन्होंने इसे घोर अनुशासनहीनता माना।
बीच रास्ते में रुकवाया काफिला
अधिकारी के इस व्यवहार को देखते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद कलेक्टर और एसपी को अपने पास बुलाया और संबंधित पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली व अनुशासनहीनता को लेकर खासी नाराजगी जताई। सीएम के इस कड़े तेवर को देखकर वहां मौजूद अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
भोपाल तक पहुंची रिपोर्ट, वरिष्ठ स्तर पर संज्ञान
जबलपुर की इस घटना की गूंज अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, शासन के वरिष्ठ स्तर पर इस मामले को संज्ञान में लिया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी इस पर नाराजगी व्यक्त की है। अधिकारी के इस रवैये को लेकर विभाग के भीतर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और माना जा रहा है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जल्द ही कोई सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री का यह कदम प्रशासनिक अधिकारियों को एक स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक जीवन और ड्यूटी के दौरान अनुशासन और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।