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हिंदू दामाद और मुस्लिम बेटी! पिता ने खुशी-खुशी सनातन रीति-रिवाज से कराई शादी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वेडिंग कार्ड

Ghazipur News: गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अनोखी शादी का मामला सामने आया है. इसमें मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक के साथ अग्नि के सात फेरे लिए. तो वहीं हिंदू युवक ने सनातन परंपरा के अनुसार सिंदूरदान और शादी के अन्य कार्यक्रम पूरे धार्मिक रीति रिवाज से संपन्न कराए. इस शादी के लिए बाकायदा वेडिंग कार्ड भी छपवाए गए. उसमें मुस्लिम लड़की का परिवर्तित नाम अंजू लिखा हुआ था. जबकि पिता की नाम की जगह पर निजामुद्दीन अंसारी और माता का नाम नूरजहां छपा हुआ था.

इस शादी के गवाह गांव वालों के साथ ही साथ हिंदूवादी संगठन और विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता ने बने. उन्होंने इस शादी को सकुशल संपन्न कराया.

गाजीपुर जनपद के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के विशंभरपुर ग्राम पंचायत के रहने वाले चंचल कुमार गौड़ और मुस्लिम युवती अंजू की शादी लठ्ठूडीह स्थित मैरेज हाल में दो से तीन दिन पूर्व संपन्न हुआ. एक अंतरधार्मिक विवाह इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां पर मुस्लिम युवती ने सनातन धर्म अपनाते हुए वैदिक रीति-रिवाज से हिंदू युवक के साथ सात फेरे लेकर विवाह किया. सिंदूर दान और पारंपरिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस विवाह समारोह में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला.

जानकारी के अनुसार विश्वंभरपुर निवासी चंचल कुमार गोंड का विवाह भरौली कला निवासी मरहूम निजामुद्दीन अंसारी की पुत्री अंजू (परिवर्तित नाम) के साथ विधि-विधान से संपन्न हुआ. विवाह समारोह के दौरान वर-वधू दोनों बेहद प्रसन्न नजर आए और परिजनों के चेहरे पर भी खुशी साफ झलक रही थी. दोनों पिछले कई सालों से लव इन रिलेशनशिप में भी रह रहे थे और दोनों के रिलेशनशिप से एक बच्चा भी है. अब इस बच्चे को सामाजिक रूप से मान्यता देने के लिए यह शादी दोनों परिवारों की रजामंदी से कराई गई है.

मंडप में मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे

वैदिक परंपरा के अनुसार, मंडप में मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे और सिंदूरदान की रस्म पूरी की गई, जिसके साथ ही दोनों वैवाहिक बंधन में बंध गए. इस मौके पर मौजूद लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी तथा दुर्गा वाहिनी के कई सदस्य भी मौजूद रहे. इस अनोखे विवाह को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग इसे सामाजिक सौहार्द तथा व्यक्तिगत निर्णय का खुबसूरत उदाहरण भी बता रहे है.

मुस्लिम माता-पिता भी शादी के लिए राजी

युवक के पिता हरिशंकर गोड ने बताया- उनके बेटे और उनकी बहू अंजू जो गांव के ही मरहूम निजामुद्दीन अंसारी की बेटी थी दोनों के बीच काफी लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. यहां तक कि कुछ दिन पहले दोनों घर से भाग गए थे और दोनों का एक बच्चा भी है. वहीं अब सामाजिक रूप से इस शादी को मान्यता देने के लिए दो-तीन दिन पूर्व शादी कराई गई और शादी पूरी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुई.

उनकी बहू अंजू ने भी अग्नि के सात फेरे लेते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सिंदूरदान और अन्य कार्यक्रम संपन्न कराया गया. उन्होंने बताया कि लड़की के माता भाई और अन्य परिवार के लोग अब अपनी बेटी से आकर आए दिन मुलाकात करते हैं. वहीं उनके बेटे और बहू उनके साथ न रहकर अपना अलग किराए के मकान में जीवन यापन कर रहे हैं.