पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को यह जानकारी दी. इस विधेयक में गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ किसी भी प्रकार की बेअदबी करने पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा. यह विधेयक 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जिसके बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ विधानसभा में पास हुए विधेयक पर माननीय राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने हस्ताक्षर कर दिए हैं. अब यह विधेयक कानून बन गया है. मैं वाहेगुरु जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझ जैसे सेवक से यह सेवा ली. पूरी संगत का धन्यवाद.
13 अप्रैल को पेश किया था विधेयक
आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2008 में संशोधन पेश किया था, ताकि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को और कड़ी सजा दी जा सके. जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाना और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और सम्मान को बनाए रखना है.
खास बात यह है कि पंजाब में लगातार सरकारों द्वारा बेअदबी पर एक सख्त कानून बनाने की यह तीसरी कोशिश है. पिछली सरकारों के बिल विधानसभा से तो पास हो गए थे, लेकिन केंद्र में अटके रह गए, जिससे वे कानून नहीं बन पाए. इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा पेश किया गया मौजूदा बिल अब राज्य के भीतर सभी चरणों से पास हो चुका है. संशोधित प्रावधानों के तहत, बेअदबी के किसी भी काम पर कम से कम सात साल की कैद होगी, जिसे बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है. साथ ही 2 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा. यदि यह अपराध सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश के तहत किया जाता है, तो सजा बढ़कर कम से कम 10 साल हो जाएगी.