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Ahmedabad News: अहमदाबाद में डोसा खाने से दो मासूम बेटियों की मौत, पिता पर हत्या का शक; पुलिस ने शुरू की जांच

Ahmedabad girls death case: गुजरात के अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में दो मासूम बच्चियों की संदिग्ध मौत के मामले में अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. शुरुआत में इस घटना को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने इसे तरह खारिज कर दिया है. जांच में सामने आया है कि बच्चियों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है. इस वजह से पुलिस अब आत्महत्या या हत्या के एंगल से जांच कर रही है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बच्चियों के पिता विमल प्रजापति और मां भावना प्रजापति के भी ब्लड सैंपल लिए गए थे. इसकी जांच में जहरीला तत्व पाया गया है. यह जहर आमतौर पर सल्फास नामक कीटनाशक में पाया जाता है, जिसका उपयोग अनाज को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है. पुलिस को विमल के घर से सल्फास की गोलियां भी बरामद हुई हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है.

डोसा खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

इस खुलासे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बच्चियों की मौत डोसा खाने से नहीं, बल्कि जहरीला पदार्थ खाने से हुआ है. गौरतलब है कि 1 अप्रैल की रात विमल एक डेयरी से तैयार डोसा का घोल लेकर आया था, जिसके बाद परिवार ने डोसा खाया था. अब जांच इस बात पर फोकस है कि जहर खाने में मिलाया गया था या किसी अन्य तरीके से शरीर में पहुंचा.

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने मेडिकल स्टोर और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच शुरू कर दी है. मृत बच्चियों की मां के पिता की मेडिकल स्टोर होने के कारण पुलिस को शक है कि जहरीले पदार्थ का स्रोत वहां से जुड़ा हो सकता है. आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके.

आर्थिक तंगी से परेशान था विमल

वहीं, परिवार की पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में है. पुलिस को पता चला है कि विमल प्रजापति लंबे समय से बेरोजगार था और मॉडलिंग में करियर बनाने की कोशिश कर रहा था. वह ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना भी बना रहा था. आर्थिक तंगी और घरेलू तनाव की बात भी सामने आई है. परिवार में बेटे की चाह और दूसरी बेटी के जन्म के बाद बढ़े तनाव को भी इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है.

पुलिस ने परिवार के अन्य सदस्यों, खासकर दादा-दादी से पूछताछ शुरू कर दी है. अधिकारियों का मानना है कि इस घटना में माता-पिता या परिवार का कोई करीबी सदस्य शामिल हो सकता है. फिलहाल विमल और भावना अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं, जहां विमल की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि भावना की स्थिति गंभीर बनी हुई है.