“आपने समोसे के मुद्दे उठाए, सरकार से सवाल नहीं किए!” राघव चड्ढा पर अपनों का ही वार; AAP के अंदर मचा घमासान
आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से अपने राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता के पद से हटाए जाने की सिफारिश के बाद पार्टी में हलचल बढ़ गई है. पार्टी के फैसले के बाद कल राघव ने एक वीडियो पोस्ट किया और फिर आज शुक्रवार को पोस्ट कर कहा कि खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं. उनके इस संदेश के बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जो लोग पार्टी लाइन के खिलाफ जाते हैं उन पर कार्रवाई होती ही है.
राघव चड्ढा की ओर से की गई टिप्पणी के बाद आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “I just want to say – “जो डर गया, समझो मर गया. हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं.” वहीं AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सांसद चड्ढा पर कहा, पिछले कुछ सालों से, तुम खुद डरे हुए हो. तुम मोदी के खिलाफ बोलने में हिचकिचाते हो. तुम देश के असली मुद्दों पर बोलने में हिचकिचाते हो.
पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वालों पर होती है कार्रवाईः CM मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राघव चड्ढा के पोस्ट को लेकर कहा, “पार्टी का संसदीय बोर्ड का नेता बदलता रहता है. मैं भी जब संसद में था तब भी कुछ बदलाव किए गए थे और ये बदलाव होते रहते हैं.”
उन्होंने कहा, “संसद में कई मुद्दे ऐसे भी होते हैं जिसमें सभी विरोधी पार्टियों को विपक्ष के साथ रहना पड़ता है. जब संसद में वॉकआउट करना होता है या किसी मुद्दे पर चर्चा करवानी होती है तो पार्टी लाइन के मुताबिक ही मुद्दों पर बात होती है. लेकिन जब कोई सांसद ऐसा नहीं करता है तो ये पार्टी लाइन या व्हिप का उल्लंघन होता है. इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती है.”
उन्होंने कहा, “सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाना हो, ऐसे मुद्दों को ना उठाकर जब कैंटीन में समोसे को सस्ते करने का मुद्दा उठाया जाता है, डिलीवरी कितने समय में होगी, ये मुद्दा उठाया जाता है तो आप समझ सकते हैं कि आप पार्टी के गंभीर और जरूरी मुद्दों से कितने जुड़े हैं और आपके लिए प्राथमिकता क्या है. मुझे लगता है वो Compromised कर दिए हैं.”
लंबे समय से कोई गंभीर मुद्दा नहीं उठायाः भारद्वाज
पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा, “हम सबको लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंखों में आंख डालकर, जो पिछले कुछ दिनों में देखा जो भी कोई सीरियस मुद्दे सरकार के खिलाफ उठाते हैं. सरकार से सवाल पूछता है लोगों की बात करता है सरकार डिक्टेटर की तरह उसको सोशल मीडिया पर बैन कर रही है. FIR दर्ज की जा रही है.”
“सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करें, संसद में एक छोटी सी पार्टी का लिमिटेड टाइम होता है. कोई समोसे की बात उठा रहा है तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दे की बात उठाई जाए. पूरे देश ने देखा कि हर राज्य में चुनाव से पहले सही लोगों के वोट काटे जाते हैं. नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार चुनाव जीत रही है. पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है.”
वो कहते हैं, “सभी विपक्षी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव करने के लिए प्रस्ताव लाना चाहा आपने उसको साइन करने से मना कर दिया जब भी कोई मुद्दा हो जिस पर विपक्ष वॉकआउट करता है आप वॉकआउट नहीं करते हैं. पिछले कई अरसों से मैंने देखा कोई भी ऐसा मुद्दा अपने नहीं उठाया जिसमें अपने प्रधानमंत्री या बीजेपी की सरकार से सवाल किया आपको ऐसे डर की राजनीति कैसे चलेगी.” उन्होंने कहा कि हमारे तमाम नेता जेल में रहे. अरविंद केजरीवाल को CM रहते हुए गिरफ्तार कर लिया और आप देश में नहीं थे आप कहीं जाकर छुप गए थे.
भारद्वाज ने कहा, “देश के लिए असली मुद्दे हमें निडरता से और साहस से उठाने पड़ेंगे तथा बीजेपी की आंख में आंख डालकर आपको वह मुद्दे उठाने पड़ेंगे.” “आपके सॉफ्ट मुद्दे हैं उनसे आपको कोई फर्क नहीं पड़ता. कल से आपको बीजेपी सोशल मीडिया पर सपोर्ट कर रही है. अब आप देखिए कहां चले थे और कहां आ गए देश को किन चीजों की जरूरत है आप कैसे बेहतर कर सकते हैं.”
केजरीवाल के साथी मोदी के खिलाफ लड़ते हैंः संजय
पार्टी के एक अन्य प्रमुख नेता संजय सिंह ने अपने वीडियो पोस्ट में कहा कि अरविंद केजरीवाल के साथी निडरता से मोदी के खिलाफ लड़ते हैं. यही हमने अरविंद केजरीवाल से सीखा है.
AAP सांसद संजय ने भी चड्ढा को जवाब देते हुए कहा, “आपका एक वीडियो आया है. बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है, जब देश के तमाम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव आता है आप साइन नहीं करते (समर्थन नहीं देते). मोदी के खिलाफ आप आवाज नहीं निकालते हो. तमाम जो मुद्दे जनहित से जुडे हैं, पार्टी के कार्यकर्ताओं को गुजरात में पीटा जाता है आप उस पर नहीं बोलते. जब विपक्ष मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करता है तो आप वॉकआउट नहीं करते.” उन्होंने कहा कि ये सारी तमाम चीजें है जिसका जवाब देश आपसे चाहता है, देश के लोग आपसे चाहते हैं.