ब्रेकिंग
Ranchi LPG Supply Update: रांची में गैस सप्लाई सुधारने के लिए कड़े निर्देश, घरेलू सिलिंडर की ब्लैक म... Jharkhand Opium Cultivation News: सैटेलाइट इमेज ने उड़ाई पुलिस की नींद, चतरा और खूंटी सहित कई जिलों म... रामगढ़ में 'लाल आतंक' के बाद 'कोयला माफिया' पर सर्जिकल स्ट्राइक! बारूद से उड़ाए अवैध खदानों के मुहान... Ranchi Crime News: राजधानी में लुटेरों का कहर, 3 पेट्रोल पंपों से लाखों की लूट; विरोध करने पर कर्मचा... Ranchi School Annual Function 2026: रांची के सरकारी स्कूलों में आज से वार्षिक उत्सव, 2 लाख से ज्यादा... बस्तर में नक्सलियों का 'क्लाइमेक्स'! 25 लाख का इनामी कमांडर पापाराव 17 लड़ाकों संग आज करेगा सरेंडर; ... Chhattisgarh Landless Farmers Scheme: आज 500 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे CM विष्णुदेव साय, 5 लाख परि... Minister Laxmi Rajwade on Child Protection: बाल संरक्षण के लिए आगे आए समाज, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े न... Forest Department Corruption: डिप्टी रेंजर की मिलीभगत से अवैध कटाई और मुरुम खनन? ग्रामीणों ने घेरा द... कुसमुंडा में 'अधूरे निर्माण' पर फूटा गुस्सा! फ्लाईओवर और फोरलेन बना जी का जंजाल; धूल और गड्ढों से पर...

गुजरात में भी ‘UCC’ का डंका! धोखे से शादी की तो होगी जेल, लिव-इन का कराना होगा रजिस्ट्रेशन; मुस्लिम विधायकों ने क्यों मचाया बवाल?

गुजरात विधानसभा में करीब 7 घंटे की लंबी बहस के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी मिल गई है. इस बिल के जरिए धर्म से परे शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को विनियमित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू करना है. इसके तहत जोर-जबर्दस्ती, दबाव डालकर या फिर धोखाधड़ी से किए गए शादी के लिए 7 साल की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है. साथ ही यह बिल बहुविवाह पर भी रोक लगाती है. यही नहीं अब शादी और लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य किया गया है.

राज्य में सत्तारुढ़ जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से इस बिल को समानता सुनिश्चित करने को लेकर एक ऐतिहासिक सुधार बताया, जबकि कांग्रेस इसका कड़ा विरोध कर रही है और उसका कहना है कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और मुस्लिम विरोधी है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विरोध और इस बिल को स्थायी समिति के पास भेजे जाने की मांग के बीच इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.

देश का दूसरा राज्य बना गुजरात

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य द्वारा नियुक्त एक समिति की ओर से यूसीसी के कार्यान्वयन पर दाखिल अंतिम रिपोर्ट के एक हफ्ते बाद कल मंगलवार को इस विधेयक को विधानसभा में पेश किया. उन्होंने कहा कि बिल में बलपूर्वक, दबाव या धोखाधड़ी से शादी कराने के मामले में दोषी को 7 साल जेल की सजा हो सकती है. साथ ही यह व्यवस्था बहुविवाह के मामलों में भी रहेगी.

इस बिल के पास होने के साथ ही बीजेपी शासित गुजरात, उत्तराखंड के बाद यूसीसी पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है. इससे पहले उत्तराखंड ने फरवरी 2024 में अपने यहां यूसीसी बिल पास किया था और इस तरह से वह देश का पहला राज्य बना था.

बाहर रहने वाले गुजरातियों पर भी लागू

गुजरात समान नागरिक संहिता, 2026 (Gujarat Uniform Civil Code, 2026) नाम से प्रस्तावित कानून पूरे राज्य के साथ-साथ गुजरात की सीमा से बाहर रहने वाले अन्य गुजरातियों पर पर भी लागू होगा.

हालांकि बिल में यह भी साफ किया गया है कि प्रस्तावित प्रावधान अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लोगों और कुछ ऐसे समूहों पर लागू नहीं होंगे जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित रखे गए हैं. बिल के मकसद और कारण में कहा गया है कि संहिता का उद्देश्य एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है.

शादी के 60 दिनों में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा और यह गुजरात के नागरिकों की समान न्याय की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और इच्छाओं को दर्शाता है. पटेल ने कहा, “विवाह का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, लिव-इन का रजिस्ट्रेशन, तलाक के लिए समान नियम, बेटियों और बेटों के लिए समान उत्तराधिकार अधिकार और अनुपालन न करने पर दंड प्रावधानों के साथ सख्त प्रवर्तन इस बिल के प्रमुख प्रावधान हैं.”

सीएम पटेल ने कहा, “अब शादी का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. शादी के 60 दिनों के अंदर नहीं कराने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है. रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 3 महीने तक जेल या 10,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. यदि शादी बलपूर्वक, दबाव डालकर या धोखाधड़ी से कराई जाती है, तो 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है, बहुविवाह के मामलों में भी 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का मकसद किसी की आजादी छीनना नहीं है, बल्कि बेटियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है.

UCC बिल का विरोध कर रही कांग्रेस

हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शैलेश परमार ने इस बिल का विरोध किया, और कहा, “आपने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए जल्दबाजी में यह बिल पेश किया है. हमारी मांग है कि इसे विधानसभा की स्थायी समिति को भेजा जाए. कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि यह बिल संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करता है.

कांग्रेस के एक अन्य विधायक इमरान खेड़ावाला ने कहा, “मैं अपने समुदाय की ओर से बोल रहा हूं और इस बिल का विरोध करता हूं क्योंकि यह हमारी शरीयत और कुरान में हस्तक्षेप की कोशिश है. मुसलमानों के लिए निकाह और उत्तराधिकार से संबंधित मामले केवल नियम नहीं, बल्कि अल्लाह का आदेश हैं और हम उनका पालन करने के लिए बाध्य हैं. हम इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे और कोर्ट में भी जाएंगे.”