ब्रेकिंग
सोनिया गांधी की बिगड़ी तबीयत, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती अब घर-घर पहुंचेगी पाइप वाली गैस! केंद्र का बड़ा फैसला—मिलेगी 'डीम्ड क्लीयरेंस'; कम होंगे दाम और कारो... खुद मौत से हारे, पर दूसरों को दे गए 'जिंदगी'! हरीश राणा के परिवार ने पेश की मिसाल; कॉर्निया और हार्ट... PM Modi on Iran-US War: ईरान-अमेरिका जंग के बीच पीएम मोदी ने चेताया, कोविड काल जैसी रणनीति की तैयारी... अमेरिका के 'शांति प्लान' पर ईरान का पानी! अब मुज्तबा के इशारों पर होगा युद्धविराम; बाइडेन की कोशिशें... घुसपैठियों पर मोहन भागवत का बड़ा प्रहार! बोले—"अवैध प्रवासियों को न दें रोजगार, पहचान कर पुलिस को बता... Assam Assembly Election 2026: असम में 800 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में, गुवाहाटी और माजुली समेत इन ... CJI का पश्चिम बंगाल पर बड़ा बयान! बोले—"बाकी राज्यों में नहीं हुई इतनी मुकदमेबाजी"; जानें SIR रैंकिंग... झारखंड में मिला 227 KG का 'विशाल बम'! स्वर्णरेखा नदी के तट पर पड़ा देख उड़े होश; सेना ने संभाला मोर्चा... Hussainiwala Heritage Complex: पंजाब में देशभक्ति और पर्यटन का संगम, हुसैनीवाला में विरासत और बुनिया...

झारखंड में मिला 227 KG का ‘विशाल बम’! स्वर्णरेखा नदी के तट पर पड़ा देख उड़े होश; सेना ने संभाला मोर्चा, पूरे इलाके में हाई-अलर्ट

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपड़ा-नागुड़साई में स्वर्णरेखा नदी के तट पर 500 पाउंड (227 किलोग्राम) का एक विशालकाय बम मिला. इस बम को देखकर गांव के लोगों में हड़कंप मच गया. गांव वालों ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सेना को इसके बारे में बताया. अब इस विशालकाय बम को सेना की टीम डिफ्यूज कर रही है.

रांची से सेना की एक टीम कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वर्णरेखा नदी के तट पर पहुंची. टीम ने बम की वैज्ञानिक जांच की. इसके साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से ड्रोन कैमरे के माध्यम से आसपास के रिहायशी इलाकों की भी जानकारी ली. प्रारंभिक जांच में यह विशालकाय बम जिंदा स्थिति में पाया गया. ऐसे में सेना की टीम ने इसे डिफ्यूज करने का निर्णय लिया. हालांकि इस बात का भी अध्ययन किया जा रहा कि बम के विस्फोटक की मारक क्षमता कितनी बड़ी हो सकती है.

अमेरिकी मॉडल का है यह बम

इसके साथ ही रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखने के संदर्भ में भी अध्ययन किया जा रहा. जांच रिपोर्ट सैन्य मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपने के बाद वहां से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार बम को डिफ्यूज करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी. ग्रामीणों की मानें तो 227 किलोग्राम के इस बम के संदर्भ में चर्चा है कि यह बम अमेरिकी मॉडल का बम है, जो द्वितीय विश्व युद्ध इस स्थान पर विमान से गिराया गया था, लेकिन बम उस समय बालू या मिट्टी के नीचे दब गया होगा, जो अब बालू की खुदाई के कारण बाहर आ गया.

सेना इलाके में सर्च अभियान चला रही

आश्चर्य की बात यह है कि बम बिल्कुल जिंदा स्थिति में है. फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे इलाके को घेर लिया गया है. लोगों को बम से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई है. बम के पास जाने या किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पर सख्त मनाही है. सेना ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है. दूसरी तरफ स्थानीय लोगों का यह दावा है कि स्वर्णरेखा नदी के तट पर कई और बम जमीन के नीचे दबे हैं. ड्रोन सर्वे और मेटल डिटेक्टर की मदद से सेना के द्वारा पूरे इलाके मर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.