“PM मोदी से मिलने का बुलावा!”—दिव्यांग क्रिकेट कोच दीपक कंबोज का बड़ा बयान; बोले—एक मुलाकात से बदलेगा लाखों दिव्यांगों का नसीब
भारतीय दिव्यांग क्रिकेट को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले प्रख्यात कोच दीपक कंबोज इन दिनों अपनी एक खास मुहिम को लेकर चर्चा में हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों के मार्गदर्शक दीपक कंबोज ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की इच्छा जताई है। उनका मानना है कि यह मुलाकात न केवल उनके लिए, बल्कि देश के लाखों दिव्यांगजनों और युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय लिखेगी।
हाल ही में एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल इंडिया टीवी के एक प्रोग्राम में कंबोज ने अपने जीवन के एक ‘महास्वप्न’ का खुलासा किया। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि वे जल्द ही एक ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, जो उनकी जीवन यात्रा में एक बड़ा ‘यू-टर्न’ साबित होगा। दिलचस्प बात यह है कि इस मिशन का प्रभाव केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका व्यापक असर फिल्म जगत (बॉलीवुड) में भी देखने को मिलेगा।
दीपक कंबोज ने कहा कि मैं एक ऐसे मिशन पर काम कर रहा हूँ जिसकी सराहना न केवल माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, बल्कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी करेंगे। और आपको बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कोच दीपक कंबोज को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर सम्मानित करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएं भी दी है कंबोज का यह कदम दिव्यांगता को देखने का नजरिया बदल देगा।
गुमनाम संघर्ष से वैश्विक पहचान तक
खेल जगत में अक्सर जीत का श्रेय खिलाड़ियों को मिलता है, लेकिन दीपक कंबोज उस पर्दे के पीछे के नायक हैं जिन्होंने शारीरिक चुनौतियों को मात देकर खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया है। उनके मार्गदर्शन में कई ऐसे क्रिकेटरों ने भारत का परचम लहराया है जिन्होंने अपनी अक्षमताओं को अपनी ताकत बनाया।
चुनौतियों को दी मात
बिना किसी बड़े आर्थिक सहयोग के, गुमनामी के अंधेरे से निकलकर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के इतिहास में अपनी मजबूत पहचान बनाना कंबोज के लिए आसान नहीं था। एक कोच के रूप में उनका सफर जिद, जुनून और अटूट समर्पण की जीती-जागती मिसाल है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें कब बुलावा आता है और उनका यह “गुप्त मिशन” देश के सामने क्या नया बदलाव लेकर आता है।