Assam Election 2026: असम में JMM बनाम कांग्रेस! झारखंड के साथियों में ठनी; चाय बागान के वोटों के बंटवारे ने बढ़ाई गठबंधन की टेंशन
देश के 5 राज्यों में अगले कुछ दिनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. तमाम राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं. इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बड़ा फैसला कि वह असम में अकेले ही चुनाव लड़ेगी. इसको लेकर 21 उम्मीदवारों की एक लिस्ट भी जारी कर दी है. कांग्रेस और JMM ने झारखंड विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था. ऐसे में असम में अकेले चुनाव लड़ने फैसले ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के फैसले पर कांग्रेस ने चिंता जताई है. JMM ने असम में 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं.
कांग्रेस शुरुआत से ही चाहती थी कि वह और JMM मिलकर असम का चुनाव लड़ें, ताकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराया जा सके.लेकिन, JMM ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिससे कांग्रेस को डर है कि आदिवासी वोट बंट सकता है. इसका फायदा BJP को मिल सकता है.
चुनाव से पहले ही बढ़ गया कांग्रेस का खतरा
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि उन्होंने JMM को 57 सीटें देने का ऑफर भी दिया था, लेकिन बात नहीं बन पाई. JMM अब झारखंड से बाहर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, इसलिए असम में चुनाव लड़ रही है. खास तौर पर वह आदिवासी और चाय बागान मजदूरों के बीच अपनी पकड़ बनाना चाहती है.
कांग्रेस और JMM का मकसद BJP को हराना है, लेकिन अलग-अलग चुनाव लड़ने से विपक्ष के वोट बंटने का खतरा बढ़ गया है.
JMM के फैसले पर क्या बोले कांग्रेस नेता?
कांग्रेस नेता राकेश रंजन ने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि JMM विपक्षी गठबंधन के हिस्से के तौर पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा, “हम असम चुनाव मिलकर लड़ना चाहते थे. असम कांग्रेस के प्रमुख गौरव गोगोई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ झारखंड आए थे और हमें JMM के साथ गठबंधन की उम्मीद थी. हालांकि, पार्टी ने अकेले ही 21 उम्मीदवार उतारने का फैसला किया, जिससे आदिवासी वोट बंट सकते हैं.”
इन सीटों पर लड़ रही कांग्रेस
झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने JMM के साथ तालमेल बिठाने के लिए “गंभीर और सकारात्मक प्रयास” किया था. झारखंड की सत्ताधारी पार्टी JMM असम में जिन सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उनमें मज़बत, विश्वनाथ, खुमताई, चाबुआ, गोसाईगांव, रंगपारा, मार्घेरिटा, नाहरकटिया और तिताबोर शामिल हैं.