ब्रेकिंग
चित्तौड़गढ़ में 'कातिल' मधुमक्खियों का तांडव! श्मशान में शव यात्रा पर किया हमला, दो की मौत; 50 लोगों... दिल्ली में गैस माफिया पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! 223 LPG सिलेंडर बरामद, पुलिस ने कालाबाजारी के बड़े खेल ... चीन और ईरान की 'खतरनाक' जुगलबंदी! अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा—ड्रैगन दे रहा है तेहरान को घातक हथ... ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत का 'प्लान-B' तैयार! गैस सप्लाई न रुके इसलिए खर्च होंगे ₹600 करोड़; क्य... Saharanpur Encounter: सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी अपराधी शहजाद, 44 वारदातों को दे ... Delhi Weather Update: दिल्ली में आंधी के बाद झमाझम बारिश, 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसम; जानें अगले 3 ... Bihar Politics: बिहार में CM पद का दावेदार कौन? नीतीश कुमार की 'पहली पसंद' पर सस्पेंस, सम्राट चौधरी ... One Nation One Election: अब मानसून सत्र में आएगा 'महा-फैसला'! JPC की समय सीमा फिर बढ़ी; क्या 2027 मे... Noida Land Eviction: नोएडा में भू-माफिया के खिलाफ बड़ा एक्शन, जेवर एयरपोर्ट के पास 350 करोड़ की जमीन... Weather Update: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में अगले 3 दिन बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, लुढ़केगा पार...

Haryana Hospital OPD Timing: हरियाणा में 16 अप्रैल से लागू होगा ओपीडी का नया समय, अगले 6 महीनों के लिए बदला शेड्यूल; देखें पूरी लिस्ट

हरियाणा डेस्क : बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपीडी (आउट पेशेंट विभाग) के समय में बदलाव किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब 16 अप्रैल से ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होगी। वहीं, ओपीडी कार्ड दोपहर 1 बजे तक ही बनाए जाएंगे।

बता दें कि अभी तक ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक था, लेकिन गर्मी के मौसम को देखते हुए अगले 6 महीनों के लिए यह नया शेड्यूल लागू किया जा रहा है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. विनय देशवाल ने बताया कि इस बदलाव को लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में हर साल मौसम के अनुसार दो बार ओपीडी का समय बदला जाता है, एक बार गर्मियों की शुरुआत में और दूसरी बार सर्दियों में।

ओपीडी समय के बाद भी मरीजों के इलाज की सुविधा जारी रहेगी। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। पूर्व में छुट्टी के दिनों में इमरजेंसी में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की गई थी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

हालांकि, कई मरीजों ने सुझाव दिया है कि यह व्यवस्था केवल छुट्टियों तक सीमित न रहकर रविवार और रात के समय भी लागू होनी चाहिए। उनका मानना है कि जब ओपीडी बंद रहती है, तब इमरजेंसी वार्ड में कम से कम दो डॉक्टरों की तैनाती पूरे दिन रहनी चाहिए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।