ब्रेकिंग
आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट वापस भेजा मामला, 3 महीने म... "राजनीति में आकर भी अंडों से डर लगता है?" TMC सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खा... छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, शिकायतों पर CMHO, तहसीलदार और पटवारी तत्काल सस्पेंड NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीक... E20 इथेनॉल पेट्रोल पर सियासत तेज: राहुल गांधी बोले— 'जनता की जेब से चुरा रहे पैसे', पेट्रोलियम मंत्र... महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार की NCP की रणनीति संभालेंगे प्रशांत किशोर? सुनेत्रा पवा... अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल गाजियाबाद 4 साल की मासूम से रेप-हत्या मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दो प्राइवेट अस्पताल ₹12 ल... मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई 'गायब'! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से म... अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत: झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जाते वक्त...

घर बना ‘डेथ ट्रैप’! दिल्ली पालम अग्निकांड की रूह कंपा देने वाली कहानी; बच्चों को बचाने के लिए पिता ने पहली मंजिल से फेंका, पर नहीं बची 7 जिंदगियां

राजधानी दिल्ली का पालम इलाका बुधवार की सुबह चीख-पुकार और काले धुएं के आगोश में समा गया. दरअसल, साध नगर की गली नंबर-2 में स्थित चार मंजिला बिल्डिंग भीषण आग लग गई. सुबह करीब 6:30 बजे जब आग लगी, तो बिल्डिंग के अंदर काफी लोग सोए हुए थे. अंदर फंसे परिवार के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था. बाहर निकलने का बस एक ही रास्ता था, उसमें भी आग लगी हुई थी. आलम ये था कि कमरों में दम घोंटू धुआं भर गया. आगजनी के हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई.

हादसे के वक्त का मंजर किसी डरावनी फिल्म जैसा था. बिल्डिंग की बालकनी में खड़े लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था. जब धुएं ने फेफड़ों को जकड़ना शुरू किया, तो पिता की ममता और साहस का एक अनोखा उदाहरण दिखा. राजेंद्र कश्यप के बेटे प्रवेश ने अपनी एक साल की मासूम बच्ची और एक छोटे बच्चे को आग से बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया.

नीचे खड़े लोगों ने किसी तरह बच्चों को लपका. इस दौरान एक बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर हुआ और दूसरा बच्चा झुलस गया. मगर गनीमत ये रही कि उनकी जान बच गई. एक अन्य बच्चा हाथ से फिसलकर नीचे गिरा, जिसके सिर में गंभीर चोट आई है. चश्मदीदों के मुताबिक, एक व्यक्ति फायर ब्रिगेड की सीढ़ी से उतरते समय फिसलकर नीचे गिर गया.

ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक शोरूम, ऊपर रहता था परिवार

यह इमारत मार्केट के प्रधान राजेंद्र कश्यप की थी. बिल्डिंग का ढांचा किसी डेथ ट्रैप से कम नहीं था. बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में ब्यूटी पार्लर, चूड़ी और कॉस्मेटिक का बड़ा शोरूम था. कॉस्मेटिक सामान (ज्वलनशील पदार्थ) होने के कारण आग बिजली की गति से फैली. वहीं ऊपरी मंजिलों में परिवार के करीब 15 सदस्य रहते थे. पूरी बिल्डिंग में बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था, जहां आग की लपटें सबसे ज्यादा थीं.

रेस्क्यू में देरी और स्थानीय लोगों का आक्रोश

स्थानीय निवासी योगेश ने बताया कि आग सुबह 6:45 बजे देखी गई थी. उनके मुताबिक, दमकल की गाड़ियां आधा घंटा देरी से पहुंचीं और हाइड्रोलिक मशीन खोलने में भी काफी वक्त लगा. लोगों ने पास की बिल्डिंग की दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन धुएं के कारण कोई अंदर नहीं जा सका. दमकल की 30 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

7 लोगों की मौत, सर्च ऑपरेशन जारी

दमकल विभाग (DFS) के अनुसार, इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 3 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं. हाइड्रोलिक मशीन के जरिए जब लोगों को बाहर निकाला गया, तो वे पूरी तरह बेहोश थे और उनका शरीर बुरी तरह झुलस चुका था. फिलहाल सर्च और कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि मलबे में दबे किसी भी अन्य व्यक्ति का पता लगाया जा सके.

पुलिस के मुताबिक, अब तक कुल 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. मृतकों में प्रवेश (35 वर्ष), कमल (40 वर्ष) आशु (32 वर्ष) तीन नाबालिग लड़कियां (जिनकी उम्र क्रमशः 12 वर्ष, 6 वर्ष और 5 वर्ष है) समेत सात लोग शामिल हैं.

आईजीआई (IGI) अस्पताल में एक पुरुष (लगभग 40 वर्ष) और एक 2 साल की बच्ची का फिलहाल इलाज चल रहा है. सफदरजंग अस्पताल में एक 19 वर्षीय युवक को भर्ती कराया गया है, जो लगभग 25% झुलस गया है.