ब्रेकिंग
Raipur Child Kidnapping News: गुढ़ियारी में 1 साल के बच्चे का अपहरण; कमर में बांधकर बाइक से भागा आरो... Bilaspur High Court PIL News: टॉयलेट में बर्तन धोने को मजबूर मरीज! कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट पर चीफ ज... Baba Sodal Mela Security Plan: 25 सितंबर को लगेगा बाबा सोढल मेला; सीसीटीवी, बम व डॉग स्क्वाड संभालें... BJP Punjab Drug Free Rally: 'पंजाब के भविष्य की दिशा तय करेगी यह रैली'; अशोक सरीन हिक्की ने 50 एकड़ ... BJP Organizational Appointments: बीजेपी ने पंजाब और चंडीगढ़ के प्रभारी-सह प्रभारी किए नियुक्त; देखें... Poonch Security Alert: पुंछ में एलओसी से सटे गांवों में मिलीं 3 लैंडमाइन; सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन... Jodhpur Chemical Factory Fire: जोधपुर में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग के बाद ब्लास्ट; आग बुझाने में ... IIT Bombay Student Suicide: परीक्षा केंद्र का CCTV फुटेज आया सामने; साहिल वाकोडे मामले में बड़ा खुला... Bhoramdeo Sugar Factory Award: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दूसरी बार मिला 'नेशनल एफिशिएंस... Jashpur News: जशपुर पुलिस की मिसाल! दिवंगत आरक्षक देव नारायण सिंह के पुत्र को मिला आरक्षक पद का नियु...

राहुल गांधी के खिलाफ ‘दिग्गजों’ का मोर्चा! रिटायर्ड जजों, सैन्य अफसरों और IPS ने लिखी चिट्ठी; कहा- “संसद में आचरण ठीक नहीं, देश से मांगें माफी”

देश के 204 पूर्व सैन्य अधिकारी, रिटायर्ड जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने नागरिकों के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के हालिया संसद आचरण की निंदा की है. पत्र के समन्वयक जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद ने इस गंभीर मामले की व्याख्या करते हुए कहा कि यह घटना भारत की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा और संवैधानिक नैतिकता के लिए चुनौती है.

पत्र में क्या-क्या लिखा?

पत्र में लिखा है कि 12 मार्च को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों, विशेषकर राहुल गांधी द्वारा स्पीकर के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना की गई. उन्होंने संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्कुट का सेवन किया, जो राष्ट्र की सर्वोच्च विधायी संस्था में अनुचित और असंसदीय व्यवहार माना गया.

एसपी वैद ने कहा कि यह केवल नियम उल्लंघन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर के प्रति घमंड और व्यक्तिगत विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है. पत्र में जोर दिया गया है कि ऐसे कार्य संसद के विचार-विमर्श को बाधित करते हैं, जनता का बहुमूल्य समय बर्बाद करते हैं और लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं.

‘आत्ममंथन करें राहुल’

पूर्व अधिकारियों और जजों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राहुल गांधी को इस आचरण के लिए राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए, ताकि संसद की गरिमा, प्राधिकार और संस्थागत पवित्रता संरक्षित रह सके.

पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति ऐसे लगातार अनादर से न केवल संसद की विश्वसनीयता कमजोर होती है, बल्कि लोकतांत्रिक जीवन की नींव भी हिल सकती है. एसपी वैद ने इस पत्र को लिखते हुए जनता से अपील की है कि वे ऐसे आचरण की निंदा करें और अपने लोकतांत्रिक संस्थानों की सुरक्षा और सम्मान के लिए सतर्क रहें.