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Jaipur: भांकरोटा में कीमती जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, कंपनी का दावा- ‘मिलीभगत से बदला गया लैंड रिकॉर्ड’

जयपुर के भांकरोटा में एक निजी रियल एस्टेट कंपनी ने कुछ स्थानीय किसानों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. कंपनी का आरोप है कि किसानों ने कंपनी की जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में गलत तरीके से अपने नाम दर्ज करवा लिया और जमीन के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर लिया.

यह शिकायत 4 फरवरी को भांकरोटा थाने में पिंक सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि द्वारा दी गई. शिकायत में कई स्थानीय किसानों और उनसे जुड़े लोगों के नाम शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि जमीन के असली मालिक की अनुमति के बिना राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कराए गए और पिछले कुछ वर्षों में संदिग्ध लेन-देन किए गए.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का आरोप है कि इसमें कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है. शिकायत और भूमि रिकॉर्ड के अनुसार, जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें सांगानेर, जयपुर निवासी लादूराम, सुंदरलाल, ताराचंद और गोपाल शामिल हैं. इसके अलावा गणेश सैनी, अन्नू देवी, कौशल्या देवी, गुड्डी देवी, मनभर देवी, लाली देवी और सीता देवी के नाम भी दस्तावेजों में दर्ज हैं. इन्हें जमीन के हिस्सों के ट्रांसफर और त्याग-पत्र (रिलिंक्विशमेंट डीड) से जुड़ा बताया गया है.

यह विवाद लगभग 6.29 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है, जो सांगानेर तहसील के भांकरोटा स्थित जयसिंहपुरा बास गांव में अलग-अलग खसरा नंबरों में दर्ज है. कंपनी का आरोप है कि इस जमीन को बिना कानूनी हस्तांतरण के छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर किसानों के नाम म्यूटेशन कर दिया गया.

शिकायत में कहा गया है कि किसानों और उनसे जुड़े लोगों ने जमीन का बंटवारा कराकर अपने नाम दर्ज कराया और बाद में आपस में हस्तांतरण व त्याग-पत्र के जरिए मालिकाना हक मजबूत करने की कोशिश की, जबकि कंपनी का दावा है कि जमीन पर उसका ही स्वामित्व और कब्जा है.

कंपनी ने इस मामले में आपराधिक जांच की मांग के साथ-साथ विवादित जमीन को वापस दिलाने और आगे किसी भी तरह के लेन-देन पर रोक लगाने की भी मांग की है.