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Land for Job Scam: लालू-राबड़ी और तेजस्वी यादव को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी व्यक्तिगत पेशी से छूट; अब 9 मार्च को होगी सुनवाई

लैंड फॉर जॉब स्कैम से जुड़े CBI मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव को 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच औपचारिक आरोप तय करने के दौरान कोर्ट में व्यक्तिगत पेश से छूट दी है. हालांकि, मीसा भारती और हेमा यादव फिजिकली पेश हुईं और उन्होंने आरोपों से इनकार किया.

कोर्ट इस मामले में आगे ट्रायल और प्रॉसिक्यूशन के सबूतों की रिकॉर्डिंग के लिए 9 मार्च से रोजाना सुनवाई करेगा. दरअसल, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव ने कोर्ट में फिजिकली पेश होने से छूट मांगी थी. इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.

राबड़ी देवी ने लगाई थी ये गुहार

इससे पहले इसी मामले मेंपूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के सामने एक अर्जी दी थी. इसमें उन्होंने उन जज से 4 केस ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिन्होंने कथित आईआरसीटीसी स्कैम केस में उनके और परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे.

अपनी अर्जी में उन्होंने जज विशाल गोगने के सामने 4 पेंडिंग केस ट्रांसफर करने की मांग की थी. इनमें आईआरसीटीसी स्कैम केस और कथित लैंड-फॉर-जॉब्स केस और उनसे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई शामिल है.दरअसल बीते साल 13 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने आईआरसीटीसी केस में लालू, राबड़ी, तेजस्वी और अन्य के खिलाफ क्रिमिनल चार्ज तय किए थे.

जज पर लगाया था भेदभाव का आरोप

इसके बाद राबड़ी देवी ने जज पर ही भेदभाव का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वो उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सोची-समझी सोच के साथ मुकदमा चलाया जा रहा है. जज का गलत तरीके से प्रॉसिक्यूशन की तरफ झुकाव है. याचिका में कहा गया था कि ऊपर बताए गए सभी मामलों में कार्रवाई के दौरान कई मौकों पर स्पेशल जज का व्यवहार प्रॉसिक्यूशन की तरफ झुकाव और भेदभाव वाला लगता है.

इसे केस की कार्रवाई/ऑर्डर के कई उदाहरणों से देखा जा सकता है. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा था कि इससे आवेदक के मन में भेदभाव की सही आशंका पैदा हुई है. लिहाजा न्याय, बराबरी और निष्पक्षता के हित में मामलों को सही अधिकार क्षेत्र वाली किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की जरूरत है.