ब्रेकिंग
IND vs AFG ODI Series: भारतीय पेसर्स का घातक हथियार 'शॉर्ट बॉल'; अफगानिस्तान की हार का सबसे बड़ा कारण Sanchita Ugale Death: 22 साल की एक्ट्रेस के निधन पर करणवीर बोहरा का बड़ा बयान; टीवी इंडस्ट्री के 'कड़व... G-7 Summit Viral Video: इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी की बेटी का वीडियो वायरल; कैमरे के सामने शर्मा... LPG Price Update: रसोई गैस की कीमतों में बड़ा अंतर; जानें मुंबई से लेह तक क्या है आपके सिलेंडर का रे... Petrol Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद क्या सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल? जानें ... Nirjala Ekadashi 2026: इस बार निर्जला एकादशी पर बन रहे 4 दुर्लभ महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा ... Monsoon Skin Care: ऑयली स्किन से हैं परेशान? मानसून में चिपचिपाहट दूर करने के असरदार घरेलू उपाय Telegram Ban & VPN: NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी, यूजर्स VPN के जरिए लगा रहे जुगाड़ Tonk Murder Case: चांदी के गहनों के लालच में पड़ोसन की बेरहमी से हत्या; 10 थानों की पुलिस ने ऐसे पकड़ा... Sitapur Crime News: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को बनाया शिकार; करोड़ों की ठगी करने वाला अन...

Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख रहे 5 कैदी

सतना: केंद्रीय जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहे 5 बंदियों को हाई कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन पांचों बंदी जमानतदार की राह देख रहे हैं. जेल प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क भी किया, लेकिन कोई भी जमानत लेने को तैयार नहीं है. 5 बंदियों में 2 बुजुर्ग बंदी भी शामिल हैं. अगर इनकी किसी ने जमानत नहीं ली, तो सजा रहेगी बरकरार. पूरी सजा जेल में काटनी पड़ेगी.

जमानत के बाद भी नहीं रिहा हुए कैदी

केंद्रीय जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, “केंद्रीय जेल सतना में अलग अलग मामलों में अपने गुनाहों की सजा काटने वाले 5 बंदियों को हाईकोर्ट से जमानत तो मिल गई है. इसके बावजूद पांचों बंदी जेल में कैद रहने को मजबूर हैं. क्योंकि नियम के अनुसार जमानत के बाद बंदियों के जमानतदार (परिजन) को बेल- बॉन्ड भरना पड़ता है. इसके बाद ही कैदी की रिहाई होती है. जेल प्रशासन इन कैदियों की रिहाई के लिए परिजनों से लगातार संपर्क कर रहा है, लेकिन परिवार वाले रिहाई करवाकर उन्हें ले जाने को तैयार ही नहीं हैं.

हत्या-दुष्कर्म जैसे अपराध की काट रहे सजा

इन पांचों बंदियों को जब यह पता लगा कि उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई और वे सभी जेल से बाहर जा सकेंगे. इस बात से वह बेहद खुश थे, लेकिन अब उनके अंदर निराशा छाई हुई है. क्योंकि इन कैदियों में किसी एक के भी परिजन बेल बॉन्ड की राशि नहीं भर रहे हैं. ऐसे में सभी कैदी जेल से रिहा नहीं होंगे और उनकी आगे की सजा यथावत रहेगी. ये हत्या, दुष्कर्म जैसे अपराध की सजा काट रहे हैं.

परिजनों के इंतजार में ये बंदी

इन कैदियों में एक रायसेन जिले का, दूसरा बिहार के बेलदौर खगड़िया जिले का, दो पन्ना जिले और एक सतना जिले का निवासी है. इनके नाम रामकीर्तन पिता गुरुजन उम्र 78 वर्ष निवासी रायसेन जिला, दूसरा इमाम खान पिता गुलाब खान उम्र 52 वर्ष निवासी पन्ना जिला, तीसरा गणेश शर्मा पिता दिलीप शर्मा उम्र 30 वर्ष निवासी बिहार बेलदौर खगड़िया जिला, चौथा नत्थू प्रजापति पिता बौरा प्रजापति उम्र 36 वर्ष निवासी थाना देवेंद्र नगर जिला पन्ना, पांचवां राजा भैया डोहर पिता भूरा डोहर उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम किटहा हरिजन बस्ती सतना जिला का रहने वाला है.

परिजन नहीं करवा रहे कैदियों की रिहाई

इस बारे में जेल अधीक्षक लीना कोष्टा का कहना है कि “केंद्रीय जेल सतना में वर्तमान समय में 5 ऐसे बंदी हैं, जिनको माननीय उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है, लेकिन वह रिहा नहीं हो पा रहे हैं. इसका कारण यह है कि उनके परिजन जमानत (बेल बॉन्ड) न्यायालय में पेश नहीं कर पा रहे हैं. जेल प्रशासन द्वारा लगातार बंदियों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन कोई भी उनकी जमानत भरने के लिए आगे नहीं आ रहा है. अगर जमानत नहीं भर पाएंगे तो बंदियों को जो भी सजा है, उनको पूरी सजा जेल में काटनी पड़ेगी. दो बंदी बुजुर्ग भी शामिल हैं. यह एक संवेदनशील मामला है. वहीं बंदी भी बहुत निराश है. अब बंदी भी यह मान रहे हैं कि अगर परिजन जमानत नहीं भर पा रहे तो वह आगे की सजा अब जेल में ही काटेंगे.”