ब्रेकिंग
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: ऑनलाइन फॉर्म 6 से हटाई गई पूर्वजों से संबंधित अतिरिक्त घोषणा अक्टूबर आते ही दमघोंटू होने लगती है हवा: पॉल्यूशन बढ़ने से पहले ही दिल्ली-NCR में सिस्टम हुआ एक्टिव रबी सीजन 2027-28 के लिए 6 फसलों की MSP में बढ़ोतरी: किसानों को लागत पर मिलेगा 50% से 106% तक मुनाफा Gujarat Politics: पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला की फिर होगी कांग्रेस में वापसी? नई पार्टी का ऐलान टाला; ... Jhalawar News: मां नेत्रहीन और पिता मूकबधिर, खेत से लापता 7 वर्षीय इकलौते बेटे का कुएं में मिला शव; ... Maharashtra Cannabis Bust: सोलापुर में गन्ने के खेत से ₹1.05 करोड़ का गांजा जब्त, 12 फीट ऊंचे 240 पौ... Bihar Flood Alert: नेपाल में बारिश से गंगा-गंडक उफान पर, सारण में तटबंध टूटने से दर्जनों गांव डूबे, ... Bareilly Cyber Crime News: बरेली में साइबर ठगों का बड़ा जाल, छह वारदातों में उड़ाए लाखों; टेलीग्राम ... UP Politics: 'नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ' वाले बयान पर घिरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, बचाव में उतरे ओपी... अखिलेश यादव संग दिखे योगी के मंत्री राकेश सचान: राज्यसभा चुनाव के बीच तस्वीर ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

12 माई तक शहर में लग गई पाबंदी, जारी हुए Order, पढ़ें…

नवांशहर : जिला मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा एक्ट – 2023 की धारा 163 के तहत जिला सीमा के भीतर सूचीबद्ध क्षेत्रों से हरे आम, नीम, पीपल और बरगद के बहुत महत्वपूर्ण पेड़ों को काटने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों में कहा गया है कि यदि विशेष परिस्थितियों में उक्त वृक्षों को काटना आवश्यक हो तो वन विभाग की स्वीकृति से ही इन्हें काटा जाए।

इस प्रयोजन के लिए वन विभाग उसी प्रक्रिया का पालन करेगा जो पंजाब भूमि संरक्षण एक्ट-1900 की धारा 4 और 5 के तहत बंद क्षेत्रों में परमिट देने के लिए अपनाई गई है। यदि डीलिस्टेड क्षेत्र के अलावा जिले में किसी स्थान पर हरे आम, नीम, पीपल और बरगद के पेड़ों को काटना आवश्यक हो तो ऐसा कार्य डिप्टी कमिश्नर दफ्तर से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, वन्यजीव और पक्षी आमतौर पर इन बड़े पेड़ों पर बसेरा करते हैं। ऐसे पेड़ों को काटने से न केवल पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, बल्कि पक्षियों के बसेरा स्थलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्त होती जा रही हैं। इस कारण इनकी कटाई पर रोक लगाना आवश्यक है। उक्त आदेश 12 मई तक प्रभावी रहेंगे।