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22 साल में तीन बच्चियों से रेप, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हो गया रिहा… कहानी हैवान रमेश सिंह की

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया. पहला केस साल 2003 का था. दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का. इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है. रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी. फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया. इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया. एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया है.

जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह ने 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था. उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई. लेकिन अपनी सजा काटने और 2013 में रिहा होने के बाद उसने फिर से अपराध किया.

2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया. इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई. 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया गया. इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिस कारण एक और निर्दोष बच्ची को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.

11 साल की बच्ची की रेप के बाद मौत

1-2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई. अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली. उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था. मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई. उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की. 46 स्थानों पर लगे 136 कैमरों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई.

ऐसे गिरफ्तार हुआ रमेश सिंह

लाल शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई. एक ऑटो चालक ने पुष्टि की कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक यात्रा की थी. रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था.आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया. इस पीछा करने में 16 पुलिस टीमें, 75 कर्मी, जिनमें 9 स्टेशन प्रभारी शामिल थे, लगे हुए थे. अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा.