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24 घंटे में चोरों का हृदय परिवर्तन! पहले चोरी की बाइक, फिर पछतावे में कर दी वापस

गुजरात के जामनगर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. इलाके में चोरों ने एक बाइक चुरा ली, लेकिन उन्हें अपने किए पर पछतावा हो गया. ऐसे में वो अगले दिन बाइक लौटा कर चले गए. घटना नीमदा लाइन की है.

जानकारी के मुताबिक नीमदा लाइन में एक घर के पास खड़ी बाइक चोरी हो गई. बाइक पूरे दिन तस्करों के पास रही, लेकिन चोरों ने अगली रात बाइक वापस कर दी. दोनों दिन की घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई है.

पछतावे में वापस कर दी बाइक

सीसीटीवी वीडियो के मुताबिक रात करीब 8 बजे बाइक सवार दो लोग वहां पहुंचे और घर के बाहर खड़ी बाइक लेकर भाग जाते हैं. वहीं अगले दिन की फुटेज में दिखाई दे रहा है कि चोर बाइक वास कर जाते हैं. हालांकि इस बार वहां तीन लोग थे, दो एक बाइक पर और एक चोरी की बाइक पर. उन्होंने चोरी की गई बाइक वहीं छोड़ दी, जहां से उन्होंने उसे लिया था और तीनों व्यक्ति एक बाइक पर सवार होकर भाग गए.

धाराओं के तहत मिलती है सजा

भारत में बाइक चोरी एक आपराधिक कृत्य है और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दंडनीय है. आमतौर पर बाइक चोरी को चोरी माना जाता है और इसके लिए निम्नलिखित धाराओं के तहत दंड का प्रावधान है.

बीएनएस धारा 302: चोरी यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे की संपत्ति पर उसकी सहमति के बिना कब्जा कर लेता है, तो इसे चोरी माना जाता है. सजा: तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों.

बीएनएस धारा 303: चोरी के लिए सजा सजा: बीएनएस धारा 302 के तहत चोरी के लिए सजा तीन साल तक कारावास, जुर्माना या दोनों है.

बीएनएस धारा 311: चोरी का माल रखने पर सजा सजा: यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर चोरी का सामान अपने पास रखता है, तो उसे तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

बीएनएस धारा 320: डकैती सजा: यदि चोरी के दौरान बल या हिंसा का प्रयोग किया जाता है, तो इसे डकैती माना जाएगा और इसके लिए 10 वर्ष तक की जेल और जुर्माना का प्रावधान है.