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PoK में मीटिंग, कश्मीर में अलर्ट… LoC पर भारत ने बढ़ाई चौकसी, हाईटेक हथियारों के साथ 24 घंटे दुश्मन पर नजर

एक तरफ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लगातार हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं वहीं दूसरी तरफ पीओके में भी पाकिस्तान के खिलाफ लगातार बगावती सुर देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान को चिंता है कहीं उनके हाथ से POK ना चल जाए. पीओके में हाल ही में ही आतंकी संगठन और ISI के बीच एक बैठक हुई थी. इस बैठक का मुद्दा यह था कि कश्मीर मुद्दे को फिर से कैसे हवा दी जाए. आतंकियों को कैसे पहुंचाया जाए और हथियारों की डिलीवरी कैसे हो.

लाइन ऑफ कंट्रोल के इलाके में बर्फबारी हो चुकी है घुसपैठ के तमाम रास्ते लगभग बंद है, लेकिन पाकिस्तान में बैठे आतंकी अंतर्राष्ट्रीय सीमा या फिर लाइन ऑफ कंट्रोल के इलाके से घुसपैठ के प्रयास आए दिन करता रहता है. ऐसे में लाइन ऑफ कंट्रोल पर बर्फबारी में सेना के जवान भी हर परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं. बर्फबारी के बीच सेना के जवान देश की रक्षा के लिए सीना ताने खड़े हैं. इसमें कई हाईटेक हथियार हैं जो उनकी मदद कर रहे हैं.

20 से 30 हजार फीट की ऊचाई से निगरानी

घाटी में लगातार बर्फबारी हो रही है और सेना के जवान सीमाओं की सुरक्षा में लगे हुए हैं. सेना के जवान 20000 से 30000 फीट की ऊंचाई से लगातार पड़ोसी मुल्क की हर एक गतिविधियों पर न केवल नजर रख रहे हैं बल्कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद भी हैं. पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर का रावला कोट वो इलाका है जहां पर माना जाता है आतंकियों के कई ट्रेनिंग कैंप और लॉन्च पैड मौजूद है.

सूत्र बताते हैं की हाजी पीर सेक्टर, फारवर्ड कहुटा, पढ़ मोहल्ला, रंकडी, सीढ़ियां, समानी, भिम्बर, नीलम वैली, लिपा वैली यह वो इलाके है जो POK में आते हैं और यहां पर भी कई आतंकियों के लॉन्च पैड हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 150-200 आतंकी पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर में लांच पैड पर मौजूद हैं. सूत्र यह भी बताते हैं कि 17 ट्रेनिंग कैंप और 37 लॉन्च पैड्स को एक्टिव किया गया है. ऐसे मे सेना के जवान लगातार बर्फबारी में भी पेट्रोलिंग कर रहे हैं ताकि आतंकियों की साजिश किसी भी हालत में कामयाब ना हो सके.

इस साल 61 आतंकियों को किया ढेर

इस साल सुरक्षा बलों ने अब तक 61 आतंकियों को ढेर किया है. 21 आतंकी पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं. जम्मू कश्मीर में इस वक्त 119 आतंकी सक्रिय हैं. इस साल जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की ओर से बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाया गया और कई को ढेर भी किया गया. भारतीय सेना के जवान तीसरी आंख की मदद से पूरे लाइन ऑफ कंट्रोल पर नजर रखते हैं. जब फॉरवर्ड इलाके में भारतीय सेना के जवान ऑपरेशन में निकलते हैं तो ड्रोन भी उनका साथी बनकर उनके साथ चलते हैं.

ड्रोन के जरिए पूरे इलाके पर निगरानी रखी जाती है, यह देखा जाता है कहीं कोई आतंकी लाइन ऑफ कंट्रोल के इलाके में घुसपैठ तो नहीं कर आया. कहीं कोई आतंकी इस इलाके में छुपा तो नहीं है. जैसे ही इस ड्रोन के जरिए इलाके में क्लीयरेंस मिलती है तो उसके बाद सेना के जवान आगे की तरफ बढ़ते हैं और जवाबी कार्रवाई करते हैं.

हाईटेक हथियारों और उपकरणों का इस्तेमाल

लाइन ऑफ कंट्रोल हो या फिर हिंटरलैंड सेना लगातार हाईटेक हथियार और उपकरण का इस्तेमाल कर रही है. भारतीय सेना के भिड़े में हाल ही में ही कई हथियार और उपकरण शामिल हुए हैं. खास बात यह है कि कई ऐसे उपकरण और हथियार हैं जो मेड इन इंडिया है. जिन हथियारों को हाल ही में सेना में शामिल किया गया है कि उसमें AMR यानी एंटी मटेरियल राइफल भी है. यह एक हाईटेक हथियार है. इसकी रेंज 1800 मीटर हैं. ये स्वीडन मेड हथियार हैं. यह दुश्मन के किसी भी एम्युनिशन डिपो को उड़ाने की क्षमता रखता है.

फिनलैंड में बने हथियारों का इस्तेमाल

इसके अलावा साके स्नाइपर राइफल भी है जिसकी क्षमता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वो 1200 मीटर की रेंज में अपने टारगेट को तबाह कर सकता है. यह हथियार मेड इन फिनलैंड हैं. यह मल्टी मोड हैंड ग्रेनेड हैं. इसकी खासियत हैं कि ये मल्टी रोल में फायर किया जा सकता हैं जो कि पहले नहीं होता था. हाल ही में इसे सेना में शामिल किया गया था और यह पूरी तरीके से मेड इन इंडिया है. दुश्मन पर नजर रखने के लिए भारतीय सेना की तरफ से कई अत्याधुनिक उपकरण का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

खास दो उपकरण है जिनका हाल ही में ही सेना ने इंडक्ट किया है जिसका नाम टाटा रजाक है. यह एक सर्विलांस है. यह तीन से चार किलोमीटर तक दुश्मन पर नजर रखता है. यह मेड इन इंडिया है और यह काफी लाइटवेट है. इस उपकरण का नाम है त्रिनेत्र ड्रोन है. इसकी खासियत है कि यह स्वदेशी ड्रोन है और खास तौर पर सेना रात के समय जब ऑपरेशन करती है तो उस वक्त इसका इस्तेमाल किया जाता है.