ब्रेकिंग
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: ऑनलाइन फॉर्म 6 से हटाई गई पूर्वजों से संबंधित अतिरिक्त घोषणा अक्टूबर आते ही दमघोंटू होने लगती है हवा: पॉल्यूशन बढ़ने से पहले ही दिल्ली-NCR में सिस्टम हुआ एक्टिव रबी सीजन 2027-28 के लिए 6 फसलों की MSP में बढ़ोतरी: किसानों को लागत पर मिलेगा 50% से 106% तक मुनाफा Gujarat Politics: पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला की फिर होगी कांग्रेस में वापसी? नई पार्टी का ऐलान टाला; ... Jhalawar News: मां नेत्रहीन और पिता मूकबधिर, खेत से लापता 7 वर्षीय इकलौते बेटे का कुएं में मिला शव; ... Maharashtra Cannabis Bust: सोलापुर में गन्ने के खेत से ₹1.05 करोड़ का गांजा जब्त, 12 फीट ऊंचे 240 पौ... Bihar Flood Alert: नेपाल में बारिश से गंगा-गंडक उफान पर, सारण में तटबंध टूटने से दर्जनों गांव डूबे, ... Bareilly Cyber Crime News: बरेली में साइबर ठगों का बड़ा जाल, छह वारदातों में उड़ाए लाखों; टेलीग्राम ... UP Politics: 'नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ' वाले बयान पर घिरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, बचाव में उतरे ओपी... अखिलेश यादव संग दिखे योगी के मंत्री राकेश सचान: राज्यसभा चुनाव के बीच तस्वीर ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी

‘काम करवाने के बाद विधायक जी नहीं दे रहे पैसा…’ CM पोर्टल पर मजदूरों की गुहार

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है, लेकिन जब उसी पार्टी के विधायक के खिलाफ शिकायत आती है, तो क्या होता है? गोरखपुर मंडल के एक बीजेपी विधायक के खिलाफ मजदूरों ने सीएम पोर्टल और गोरखनाथ मंदिर स्थित कैंप कार्यालय पर शिकायत दर्ज करवाई है.मजदूरों का कहना है कि महाराजगंज जिले के विधायक ने उनसे अपने घर में ढाई महीने तक पेंट-पॉलिश का काम करवाया, लेकिन जब मजदूरी की बात आई, तो विधायक ने पैसे देने से इंकार कर दिया.

इसके बजाय उन्होंने मजदूरों को फर्जी मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी. मजदूरों का कहना है कि उनके पास पैसे नहीं हैं और वे परिवार का पालन करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं.

मजदूरों ने बताया कि वे काम की तलाश में महाराजगंज जिले के विधायक के पास गए थे. विधायक ने उन्हें अपने घर पर काम करने के लिए कहा, और 3 अप्रैल से 17 जून, 2024 तक लगातार काम कराया. मजदूरों ने काम की शुरुआत में ही विधायक से पैसा देने का वादा किया था, लेकिन जब काम पूरा हुआ तो विधायक ने पैसे देने से मना कर दिया.

काम पूरा होने के बाद भी नहीं मिला भुगतान

इंद्रजीत गिरी, जो इन मजदूरों में से एक है, ने बताया कि काम के दौरान विधायक ने यह कहा था कि काम पूरा होने से पहले कोई भुगतान नहीं होगा, ताकि काम अधूरा न हो जाए. लेकिन काम पूरा होने के बाद, जब मजदूरों ने पैसे की मांग की, तो विधायक ने बाद में देने का वादा किया. अब जून से लेकर दिसंबर तक का समय बीत चुका है, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है.

धमकियों का सामना

इंद्रजीत ने बताया कि उनका कुल बकाया ₹50,500 है, जिसमें उनकी अपनी रकम ₹10,000, अन्य मजदूरों का ₹7,000 से लेकर ₹1,500 तक बकाया है. उन्होंने यह भी कहा कि जब वे विधायक के घर जाते हैं, तो विधायक के परिवार वाले उन्हें टालते हुए यह कहते हैं कि पैसा भूल जाओ, और बार-बार मांगने पर फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देते हैं.

वहीं, विधायक का कहना है कि मजदूर ने उनका काम अधूरा छोड़ दिया है और वह समय पर काम पूरा नहीं कर पाए. विधायक का कहना था कि यदि मजदूर काम पूरा कर देता है, तो उन्हें पैसे देने में कोई समस्या नहीं होगी.

प्रशासनिक अधिकारियों की उलझन

इस मामले पर प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आए हैं, लेकिन वे इस उलझन में हैं कि सत्ता पक्ष के विधायक के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाए. सूत्रों के अनुसार, किसी अधिकारी ने विधायक से मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करने को कहा है, लेकिन मामले में कार्रवाई अभी तक साफ नहीं हुई है.