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धक्का-मुक्की कांड: कल घायल सांसदों का बयान दर्ज कर सकती है क्राइम ब्रांच, CCTV फुटेज इकट्ठा करने की कवायद तेज

संसद में हुए धक्का-मुक्की कांड को लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच सोमवार को घायल सांसदों का बयान दर्ज कर सकती है. इससे पहले पुलिस ने संसद से सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा करने की कवायद तेज कर दी है. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की चाणक्यपुरी स्थित ISC यूनिट कर रही है. धक्का-मुक्की कांड में चोटिल हुए बीजेपी के दो सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए थे जिनका आरएमएल अस्पताल में इलाज चल रहा है.

मामले की संजीदगी और गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच की एक SIT टीम का गठन किया गया था. SIT की टीम कल इस मामले में अपनी तफ्तीश शुरू कर सकती है. क्राइम ब्रांच की इस SIT की टीम में 2 एसीपी, 2 इंस्पेक्टर और 3 सब इंस्पेक्टर होंगे शामिल जो सीधे डीसीपी को रिपोर्ट करेंगे.

एसआईटी में दो एसीपी भी हैं शामिल

इस मामले की जांच में 2 एसीपी को SIT में इसलिए शामिल किया गया है कि क्योंकि मामला पॉलिटिकली हाई प्रोफाइल है. अमूमन देखा गया है कि पॉलिटिकल हाई प्रोफाइल मामले हमेशा दिल्ली पुलिस की ISC क्राइम ब्रांच यूनिट को ही जांच के लिए ट्रांसफर किए जाते हैं.

बताया जा रहा है कि नई दिल्ली जिले के पार्लियामेंट थाने से अभी क्राइम ब्रांच को राहुल गांधी से जुड़े मामले की FIR, इन्वेस्टिगेशन की कॉपी अभी हैंडओवर नहीं हुई है. जल्द ही ये प्रोसेस पूरा कर लिया जाएगा. सूत्रों की मानें तो पार्लियामेंट एडमिनिस्ट्रेशन को सीसीटीवी फुटेज के लिए लेटर लिखा जाएगा, जिसमें घटना से जुड़ी जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज काफी मायने रखती है.

राहुल गांधी पर लगा धक्का-मुक्की करने का आरोप

बीजेपी ने अपनी शिकायत में सीधे राहुल गांधी जो कि लोकसभा में नेता विपक्ष हैं, उन पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया है. ऐसे में प्रोटोकॉल को देखते हुए, सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद मोबाइल फुटेज, MLC रिपोर्ट काफी मायने रखती है. क्राइम ब्रांच की माने तो इन सबके अलावा पहले मौके पर मौजूद चश्मदीदों और घायल सांसदों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और इन सबके बाद क्राइम ब्रांच की SIT राहुल गांधी को जांच के लिए नोटिस भेज सकती है.

दरअसल, गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेताओं की शिकायत पर धक्का-मुक्की मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज की थी. यह घटना उस समय हुआ जब गुरुवार को ही संसद भवन के मकर द्वार के करीब सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे के आमने-सामने आ गए.

क्या था पूरा मामला?

विपक्षी बाबा साहेब आंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से दिए गए बयान का विरोध कर रहे थे. दूसरी ओर सत्ता पक्ष के सांसद विपक्ष पर शाह के बयान को भ्रामक बनाकर पेश करने का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के सदस्य एक दूसरे के सामने आ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे. इसी बीच संसद में जाने के लिए धक्का-मुक्की हुई जिसमें प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए.