ब्रेकिंग
Amaravati Capital Row: कल खत्म होगा आंध्र की राजधानी का सस्पेंस! लोकसभा में पेश होगा अमरावती से जुड़... Gujarat Development: गुजरात को 20,000 करोड़ का मेगा तोहफा! पीएम मोदी ने भरी विकास की हुंकार, कांग्रे... Bureaucracy Update: IAS चंचल कुमार को बड़ी जिम्मेदारी! सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बनाए गए नए सचिव... सनसनीखेज खुलासा: आतंकी शब्बीर ने उगले राज! दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट की थी प्लानिंग, निशाने पर थे प्... "अशांति की आग में झुलस रही दुनिया, भगवान महावीर का संदेश ही एकमात्र रास्ता!" सम्राट संप्रति म्यूजियम... बंगाल का 'खेला' शुरू! ममता बनर्जी की हुंकार- "हर सीट पर मैं ही लड़ रही हूं चुनाव, विरोधियों को दी सी... Assam BJP Manifesto: असम में बीजेपी का 'मास्टर स्ट्रोक'! 31 वादों का संकल्प पत्र जारी; जमीन, नौकरी औ... मिडल ईस्ट युद्ध के बीच सरकार का भरोसा- "देश में नहीं होगी तेल की कमी", एलपीजी उत्पादन में भी रिकॉर्ड... राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला- "घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे बड़ा और जवाबदेही शून्य Delhi Free Bus Travel: दिल्ली में नहीं बंद होगा महिलाओं का फ्री सफर! पिंक टिकट पर बीजेपी ने दी बड़ी र...

क्या मुंबई के आरे जंगल में और पेड़ काटने का प्रस्ताव है? SC का महाराष्ट्र सरकार से सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई के आरे जंगल में पेड़ काटने को लेकर जानकारी ली है. शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह बताए कि क्या मुंबई के आरे जंगल में और पेड़ों को काटने का कोई प्रस्ताव है. पीठ ने पक्षकारों को निर्देश दिया कि वे फरवरी के दूसरे सप्ताह तक अपनी दलीलें पूरी कर लें, ताकि महाराष्ट्र सरकार के वकील इस मुद्दे पर बयान दे सकें.

महाराष्ट्र सरकार की ओर से जब सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इसमें शामिल सभी लोगों के मन में जनहित है. चो वही, जस्टिस अभय एस ओका और जज ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, ‘केवल जनहित ही नहीं, बल्कि पर्यावरण हित भी होना चाहिए. हजारों पेड़ पहले ही काटे जा चुके होंगे.’ सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 10 जनवरी 2025 तक के लिए स्थगित कर दी.

इससे पहले SC मुंबई मेट्रो को फटकार लगाई थी

सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में कुछ आदिवासियों को मेट्रो रेल परियोजना के लिए मुंबई के आरे जंगल में पेड़ों की कटाई से संबंधित अपनी शिकायतों को लेकर बम्बई हाईकोर्ट जाने की अनुमति दी थी. शीर्ष अदालत ने 17 अप्रैल 2023 को कार शेड परियोजना के लिए जंगल में केवल 84 पेड़ों की कटाई की अनुमति देने पर कड़ा रुख अपनाया था.

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कंपनी को आरे जंगल से 177 पेड़ हटाने की अनुमति दे दी. साथ ही कहा कि पेड़ों की कटाई पर रोक से सार्वजनिक परियोजना ठप हो जाएगी, जो वांछनीय नहीं है.