Hisar Roadways Strike: हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, बसों का चक्का जाम होने से यात्री परेशान
हिसार: हरियाणा के औद्योगिक और ऐतिहासिक शहर हिसार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ रोडवेज हिसार डिपो के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं के समाधान न होने के रोष स्वरूप सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का बड़ा ऐलान कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप आज हिसार डिपो की सभी बसों का पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया गया है। पिछले करीब 40 दिनों से लगातार अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने आज डिपो परिसर में एकत्र होकर रोडवेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
महाप्रबंधक की तानाशाही कार्यशैली और लंबित भत्तों को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष, 30 अक्टूबर की रात से बंद किया गया रात्रि ठहराव
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का मुख्य रूप से यह आरोप है कि हिसार डिपो के महाप्रबंधक की कार्यशैली पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी और तानाशाहीपूर्ण है। लंबे समय से उनके वित्तीय भत्तों और बकायों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण कर्मचारियों के भीतर गहरा आक्रोश व्याप्त है। आपको बता दें कि इस सिलसिले में बीते दिन आयोजित की गई गेट मीटिंग के दौरान सर्वसम्मति से यह कड़ा निर्णय लिया गया था कि 30 अक्टूबर की रात्रि से ही हिसार डिपो में सभी बसों का रात्रि ठहराव (नाइट स्टे) पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, और निर्धारित योजना के अनुसार आज 31 अक्टूबर के रोज हिसार डिपो के समस्त कर्मचारी पूर्ण हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने अपने इस कड़े और एकजुट फैसले पर पूरी दृढ़ता दिखाई है।
अजय दुहन ने साधा प्रशासन पर निशाना, कहा— लंबे समय से लंबित है रात्रि भत्ता, टीए और ओवरटाइम का भुगतान
प्रमुख कर्मचारी नेता अजय दुहन ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि रोडवेज कर्मियों का रात्रि भत्ता (नाइट अलाउंस) पिछले काफी समय से लंबित पड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त, ट्रैवल अलाउंस (TA), ओवरटाइम और अन्य तमाम आवश्यक वित्तीय देयकों का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें उठाने और केवल कोरे आश्वासन मिलने के बावजूद धरातल पर उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिसके चलते आज कर्मचारियों में महाप्रबंधक हिसार के प्रति असंतोष चरम पर पहुँच चुका है। सांझा संघर्ष समिति ने दो टूक शब्दों में कहा कि कर्मचारियों को अपने हक की वैध वित्तीय मांगों के लिए बार-बार सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। यदि समय रहते रोडवेज प्रशासन द्वारा कर्मचारियों के लंबित भत्तों का भुगतान कर दिया जाता और उनकी समस्याओं पर सकारात्मक रुख अपनाया जाता, तो आज हड़ताल जैसे हालात कभी पैदा नहीं होते।
अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने का संकल्प, रोडवेज प्रशासन और सरकार पर मढ़ा गया रोजाना के लाखों के नुकसान का ठीकरा
समिति के प्रतिनिधियों ने आज के इस आंदोलन को कर्मचारियों के लंबित वित्तीय हकों, उनके स्वाभिमान और न्याय की एक बड़ी लड़ाई करार दिया है। सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर यह दृढ़ संकल्प लिया है कि वे अपने अधिकारों की प्राप्ति तक इस संघर्ष को पूरी ताकत से जारी रखेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस पूरी हड़ताल और चक्का जाम के चलते हिसार डिपो को महज दो दिनों के भीतर ही 20 से 50 लाख रुपए तक के भारी-भरकम राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसकी संपूर्ण नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी अकेले रोडवेज प्रशासन तथा राज्य सरकार की होगी।