Panchkula School Case: संस्कृति मॉडल स्कूल में केजी की छात्रा पर जानलेवा हमले का खौफनाक सच आया सामने, शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला स्थित प्रतिष्ठित संस्कृति मॉडल स्कूल परिसर के भीतर केजी (KG) कक्षा की एक मासूम और निर्दोष बच्ची पर हुए अत्यंत क्रूर और जानलेवा हमले के मामले में स्कूल प्रबंधन तथा प्रशासन की परत-दर-परत गंभीर लापरवाहियाँ उजागर हो रही हैं। प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि आरोपी छात्र ने मासूम को उसके पिता का झूठा बहाना बनाकर बहला-फुसलाकर एक सूने कमरे में पहुँचाया, और वहाँ गमलों तथा पत्थरों से उसके ऊपर ताबड़तोड़ वार किए। इतना ही नहीं, जब वह इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था, तो पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची के पिता को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी भी गढ़ डाली। इस बीच, इस वीभत्स घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का कड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह वीडियो इतना खौफनाक और दिल दहलाने वाला था कि उनसे पूरा वीडियो देखा तक नहीं गया। इस पूरे मामले की गहन जाँच के लिए सरकार की ओर से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है और सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया गया है।
पहले भी सामने आ चुकी थीं आरोपी छात्र की हरकतें, प्रिंसिपल के चैंबर में जल रही थी लाइव स्क्रीन लेकिन कोई नहीं था मॉनिटरिंग के लिए
विदित हो कि आरोपी छात्र के इस प्रकार के हिंसक रवैये और छोटे बच्चों के साथ मारपीट करने की शिकायतें इससे पहले भी स्कूल प्रशासन तक पहुँची थीं, किंतु प्रबंधन की तरफ से इस पर कोई नजर नहीं रखी गई और न ही कोई सुधारात्मक कदम उठाया गया। जिस सीसीटीवी कैमरे में इस पूरी दरिंदगी की घटना रिकॉर्ड हुई है, उसका लाइव डिस्प्ले और मॉनिटरिंग स्क्रीन ठीक प्रिंसिपल के दफ्तर में उनकी आँखों के सामने जल रही थी। इसके बावजूद घटना के वक्त कैमरों पर नजर रखने वाला कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी वहाँ मौजूद नहीं था। दूसरी तरफ, बदहवास और बेबस पिता स्कूल परिसर के अंदर करीब तीन घंटे तक अपनी मासूम बच्ची को तलाशते हुए भटकते रहे। हद तो तब हो गई जब स्कूल के सुरक्षाकर्मियों ने भी बिना ऊपर की मंजिलों के क्लासरूम्स की ठीक से जाँच किए बाहर से ताले लटका दिए और समय रहते फुटेज खंगालने की जहमत तक नहीं उठाई।
‘पापा बाहर बुला रहे हैं’ का झांसा देकर ले गया सूने कमरे में, फिर खुद ही रची सीनियर छात्रों के हमले की झूठी कहानी
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी छात्र सीधे मासूम बच्ची के पास पहुँचा और उससे कहा कि “तुम्हारी छुट्टी हो गई है और बाहर तुम्हारे पापा तुम्हें बुला रहे हैं।” मासूम बच्ची उस बहकावे में आ गई और वह उसे खींचते हुए पहली मंजिल पर स्थित एक एकांत और सुनसान कमरे में ले गया। उस कमरे में उसने बच्ची के साथ बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उसे लातों से पीटा, पत्थरों से वार किए और भारी गमले से उसके सिर तथा चेहरे पर गंभीर चोटें पहुँचाईं। बच्ची जब पूरी तरह बेसुध होकर गिर पड़ी, तब भी वह उसे घसीटता रहा। काफी देर तक जब बच्ची अपने पिता को नहीं मिली और पिता ढूँढते हुए उस मंजिल तक पहुँचे, तो घबराए हुए आरोपी छात्र ने खुद आगे बढ़कर शातिर अंदाज में झूठ बोला और कहा कि “कुछ सीनियर बच्चों ने आपकी बेटी को यहाँ मारपीट कर घायल हालत में फेंक दिया है।”
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का सख्त रुख, बोले— वीडियो देखना नामुमकिन था, दोषियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा
इस अत्यंत गंभीर प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मीडिया से कहा कि उन्होंने स्वयं इस खौफनाक वीडियो को देखा है, लेकिन दृश्य इतने भयावह थे कि उनसे वह वीडियो पूरा देखा नहीं गया। एक बेहद छोटी बच्ची के साथ इस तरह की वीभत्स घटना होना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है, जिसकी जाँच रिपोर्ट आज या कल तक सामने आ जाएगी। मंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस घटना में स्कूल प्रशासन का जो भी अधिकारी, कर्मचारी या लापरवाह व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त से सख्त प्रशासनिक व कानूनी डंडा चलाया जाएगा।
PGI चंडीगढ़ में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही मासूम, पुलिस कर रही आरोपी के परिजनों से पूछताछ
पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में शुरुआती प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत के चलते बच्ची को तुरंत पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था, जहाँ वर्तमान में वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है और उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस बीच, सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप और जाँच अधिकारी प्रदीप कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ स्कूल में डेरा डाले हुए हैं और लगातार एक-एक सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाल रहे हैं। पुलिस इसके साथ ही आरोपी छात्र के माता-पिता व परिजनों से भी गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस कम उम्र के बच्चे के भीतर इतनी हिंसक प्रवृत्ति और दुर्भावना के पनपने के पीछे की असल वजह क्या है।