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Jamia Millia Islamia Protest Ends: जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों की बड़ी जीत, 18 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल; प्रशासन ने मानी सभी मांगें

नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित केंद्रीय यूनिवर्सिटी यानी जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) परिसर में पिछले कई हफ्तों से चल रहे उग्र छात्र आंदोलन के मोर्चे पर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। यहाँ गत 12 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए शुरू की गई छात्रों की भूख हड़ताल अब आखिरकार आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें छात्रों की तरफ से कुल तीन मुख्य मांगें प्राप्त हुई थीं और प्रशासन ने उन तीनों ही मांगों को पूरी तरह से मान लिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय के छात्र संघ (Students’ Union) के संविधान को मंजूरी देने और उसे विधिवत लागू करने की पूरी प्रक्रिया आगामी 15 मई, 2027 तक मुकम्मल कर ली जाएगी।

संविधान के प्रारूप में छात्रों की भागीदारी और चुनाव की तय हुई समय-सीमा

रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी ने आगे स्पष्ट करते हुए बताया कि तैयार किए जाने वाले संविधान के ड्राफ्ट में केवल प्रोफेसरों या कानूनी विशेषज्ञों को ही शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि इसमें छात्र प्रतिनिधियों की भी सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। विश्वविद्यालय की प्रत्येक फैकल्टी से एक छात्र प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा, ताकि छात्रों के विचार और उनकी आवाज पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंच सके। छात्रों और प्रशासनिक समिति के बीच आम सहमति बनने के बाद इसे संबंधित स्टेकहोल्डर्स के पास उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद कानूनी जांच, एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मंजूरी से होते हुए इसे अंतिम सहमति के लिए ‘विजिटर नॉमिनी’ के पास भेजा जाएगा। साथ ही प्रशासन ने यह भी स्वीकार कर लिया है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के 6 सप्ताह के भीतर यानी लगभग 16 जुलाई, 2027 से छह हफ्तों के अंदर छात्र संघ के चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे।

अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन हुए रद्द, छुट्टियों के बाद सुचारू होंगी ऑफलाइन कक्षाएं

छात्रों की तीसरी और अहम मांग पर चर्चा करते हुए रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान जिन भी विद्यार्थियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी, जिन्हें यूनिवर्सिटी से निष्कासित या सस्पेंड किया गया था, अथवा जिन्हें कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए गए थे, उन सभी आदेशों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। वर्तमान में आगामी 8 नवंबर तक विश्वविद्यालय में दिवाली का अवकाश घोषित है। अधिकारियों ने यह उम्मीद जताई है कि अवकाश समाप्त होने के बाद जब छात्र वापस लौटेंगे, तो वे पूरे उत्साह के साथ अपनी नियमित ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन फिर से शुरू करेंगे।

18वें दिन छात्र नेता एबिन बेसिल ने जूस पीकर तोड़ी भूख हड़ताल, लोकतंत्र की जीत बताया

जामिया मिलिया इस्लामिया में लॉ संकाय के तृतीय वर्ष के छात्र और आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे एबिन बेसिल ने छात्र संघ की बहाली और प्रशासन द्वारा मांगें माने जाने के बाद 18वें दिन अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का सफलतापूर्वक समापन किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एबिन बेसिल ने कहा, “आज हमारी इस अनशन का 18वां दिन है, और जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ के आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन व सहमति के बाद मैं इस भूख हड़ताल को समाप्त कर रहा हूं। यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने हमारी सारी मांगें स्वीकार कर ली हैं। मैं जामिया के उन तमाम छात्र-छात्राओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जो इस मुश्किल वक्त में हमारे साथ चट्टान की तरह खड़े रहे, और अपने उन सभी साथियों का भी धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने इस भूख हड़ताल में मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। यह हम सबकी जीत है, आम छात्रों की जीत है, जामिया की जीत है और सच्चे मायनों में लोकतंत्र की जीत है।”

छात्र आंदोलन के व्यापक असर के चलते रद्द करना पड़ा था स्थापना दिवस और तालीमी मेला

गौरतलब है कि छात्रों के इस लंबे और मुखर विरोध-प्रदर्शन के कारण ही विश्वविद्यालय प्रशासन को पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में फेरबदल करना पड़ा था। इसके चलते गत 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाला विश्वविद्यालय का वार्षिक ‘स्थापना दिवस समारोह’ तथा 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक धूमधाम से चलने वाले प्रसिद्ध ‘तालीमी मेले’ को पूरी तरह रद्द करना पड़ा था। इन बड़े सालाना आयोजनों के दौरान मुख्य अतिथि का उद्बोधन, ध्वजारोहण और सुरक्षा गार्ड्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर जैसी गरिमामयी औपचारिकताएं निभाई जाती हैं, जो अब स्थिति सामान्य होने के बाद आगामी दिनों में पटري पर लौटेंगी।