Punjab Milk Quality Check: दूध की शुद्धता को लेकर डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट सख्त, नवी आबादी और आजाद नगर में लगे स्पेशल कैंप
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के अंतर्गत आने वाले डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से आम जनता को दूध की गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहने और विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले विशेष कैंपों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है ताकि दूध की एकरूपता और उसकी शुद्धता की नियमित जांच होती रहे। डेयरी डेवलपमेंट विभाग के आधिकारिक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा राज्यभर में दूध जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा लाए जाने वाले दूध के नमूनों (सैंपल्स) की मौके पर ही अत्याधुनिक मशीनों द्वारा त्वरित जांच की जाती है।
खन्ना शहर के नवी आबादी और आजाद नगर इलाकों में लगाए गए दो स्पेशल कंज्यूमर जागरूकता कैंप
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए आज खन्ना शहर के भीतर दूध उपभोक्ताओं (कंज्यूमर्स) को जागरूक करने और उनमें शुद्धता के प्रति समझ विकसित करने के उद्देश्य से दो विशेष दूध कंज्यूमर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। विभाग की ओर से ये महत्वपूर्ण कैंप शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों यानी ‘नवी आबादी’ और ‘आजाद नगर’ इलाकों में लगाए गए, जहां स्थानीय नागरिकों द्वारा घरों से लाए गए दूध के नमूनों की मौके पर ही मुफ्त और पारदर्शी तरीके से जांच की गई।
नवी आबादी कैंप में हुए 32 सैंपल्स की जांच में से 15 नमूनों में तय सीमा से ज्यादा मिला पानी
प्राप्त विस्तृत विवरण के मुताबिक, इन आयोजनों के तहत पहला विशेष कैंप ‘नवी आबादी’ क्षेत्र में स्थापित किया गया था। इस शिविर के दौरान कुल 32 दूध के नमूनों की रासायनिक व भौतिक टेस्टिंग की गई। हैरानी की बात यह रही कि जब इन सैंपल्स की जांच पूरी हुई, तो उनमें से कुल 15 दूध के नमूनों में पानी की मात्रा निर्धारित और तय सीमा से काफी ज्यादा पाई गई, जो मिलावट की पुष्टि करती है।
आजाद नगर में भी सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, कुल 63 में से 29 सैंपल्स में पकड़ी गई पानी की मिलावट
इसी प्रकार, दूसरा जागरूकता कैंप शहर के ‘आजाद नगर’ इलाके में लगाया गया, जहां उपभोक्ताओं के उत्साह के बीच 31 दूध के सैंपल टेस्ट किए गए। इस दूसरी जांच में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही रही और यहां 14 दूध के सैंपल्स में पानी की मिलावट (अतिरिक्त मात्रा) पकड़ी गई। दोनों कैंपों के आंकड़ों का कुल विश्लेषण किया जाए तो कुल 63 दूध के सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से चौंकाने वाली बात यह रही कि आधे से ज्यादा यानी कुल 29 सैंपल ऐसे थे जिनमें पानी की मात्रा तय मानक से कहीं अधिक पाई गई।