Indore Urban Growth Conclave 2026: मध्य प्रदेश में अब 100 मंजिल तक की इमारतें बनाने की मिलेगी अनुमति, सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान
इंदौर: राज्य के भीतर आधुनिक शहरों के निर्माण, बेहतर नागरिक सुविधाओं और समृद्ध मध्य प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बुधवार को आर्थिक राजधानी इंदौर में भव्य ‘अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का मुख्य मकसद प्रदेश के शहरी विकास को एक नई और तेज रफ्तार देना है, जिस पर विभिन्न सत्रों में व्यापक मंथन किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश-विदेश से आए निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और कई अहम निवेश प्रस्तावों तथा विकास प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की।
पर्याप्त चौड़ी सड़क होने पर अब प्रदेश में 100 मंजिल तक की इमारतें बनाने की मिलेगी अनुमति
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव के दौरान अपनी उपलब्धियों और भविष्य की नीतियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में सुनियोजित शहरीकरण, आधुनिक टाउनशिप के निर्माण, नए इकोनॉमिक कॉरिडोर और स्वामित्व योजना पर जोर दिया। उन्होंने बहुत बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब देश में शहरीकरण के क्षेत्र में एक नया रोल मॉडल बनकर उभर रहा है। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि यदि सड़कें पर्याप्त चौड़ी होंगी, तो भविष्य में राज्य के भीतर 100 मंजिल तक की ऊंची इमारतें (स्काईस्क्रेपर) बनाने की अनुमति दी जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले सामान्य तौर पर 30 मीटर की ऊंचाई से आगे निर्माण की अनुमति नहीं दी जाती थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस कदम से बेशकीमती कृषि भूमि को बचाने में मदद मिलेगी और शहरी विकास की असीम संभावनाएं खुलेंगी। अवैध कॉलोनियों के कल्चर को खत्म करके अब आधुनिक और व्यवस्थित आवासीय बस्तियां बसाई जाएंगी।
गरीबों को किफायती आवास और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहरी विकास के साथ-साथ राज्य के गरीब तबके के नागरिकों को सस्ते और किफायती आवास मुहैया कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। आने वाले समय में जितनी भी नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, उनमें रिन्यूएबल (अक्षय) एनर्जी, शुद्ध पेयजल और यातायात के उन्नत साधनों की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। नए इकोनॉमिक कॉरिडोर के इर्द-गिर्द आधुनिक टाउनशिप बसाई जाएंगी। इसके अलावा, इंदौर और भोपाल की तर्ज पर अब जबलपुर और ग्वालियर को भी महानगरीय (मेट्रोपोलिटन) विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इंदौर और भोपाल समेत छह-छह जिलों को आपस में जोड़कर बड़े मेट्रो क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं, जहां सुनियोजित विकास के साथ आर्थिक गतिविधियों को पंख लगेंगे।
कॉन्क्लेव में चार प्रमुख थीमों पर हो रहा है गहन मंथन, डिजिटल गवर्नेंस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
शहर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस अर्बन कॉन्क्लेव के दौरान चार बड़ी और प्रमुख थीमों पर केंद्रित सत्रों में मंथन जारी है। टियर-2 शहरों के विकास के अंतर्गत री-डेंसिफिकेशन, टीडीआर, मास्टर प्लान, विकास गलियारे, रेरा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने और एफएआर जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसके साथ ही, डिजिटल गवर्नेंस के तहत ऑटोमैटिक बिल्डिंग परमिशन सिस्टम (ABPAS), ऑनलाइन एनओसी, जीआईएस आधारित प्लानिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर नीतियां बनाई जा रही हैं। इसके अलावा क्लाइमेट फ्रेंडली शहरों के निर्माण के लिए जल पुनर्चक्रण, अमृत 2.0, सिटी फॉरेस्ट, एयर क्वालिटी सुधार, ई-व्हीकल्स, वेस्ट-टू-एनर्जी और सोलर एनर्जी इकोसिस्टम पर भी विशेषज्ञों द्वारा विचार रखा जा रहा है।
सौर ऊर्जा और वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए 20 से अधिक निवेशकों के साथ हुई सोलर राउंड टेबल बैठक
इस कॉन्क्लेव का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया, जिसके तुरंत बाद ‘सोलर राउंड टेबल’ सत्र का आयोजन किया गया। इस विशेष बैठक में सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े 20 से अधिक नामचीन निवेशकों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र नगरीय निकायों को सौर ऊर्जा से जोड़ना, बिजली पर होने वाले भारी खर्च को कम करना और बुनियादी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना रहा। इस दौरान फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पूल्ड म्युनिसिपल बॉन्ड के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।
1564 करोड़ की लागत से बिरसिंहपुर जलाशय में बनेगी 200 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं और वित्तीय सशक्तीकरण के मॉडल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगभग 200 नगरीय निकायों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘पूल्ड म्युनिसिपल बॉन्ड’ की शानदार पहल की जा रही है। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह ने इस दौरान बिरसिंहपुर जलाशय में प्रस्तावित 200 मेगावाट क्षमता की विशाल फ्लोटिंग सोलर परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इस प्रोजेक्ट के साथ 50 मेगावाट/100 मेगावाट-घंटा क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी जोड़ी जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 1564 करोड़ रुपये है।
डिजिटल गैलरी में प्रदर्शित हुए नवाचार, 6डी वीआर तकनीक से किए महाकाल के वर्चुअल दर्शन
कॉन्क्लेव के आकर्षण का केंद्र रही ‘अर्बन इनोवेशन गैलरी’ में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की तमाम उपलब्धियों और भावी योजनाओं को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया। एलईडी स्क्रीन और आधुनिक कियोस्क के जरिए विभागीय ई-बुक का प्रदर्शन किया गया, जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया। इस दौरान एक अनूठी तकनीक देखने को मिली, जहां 6डी वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के माध्यम से मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती के सजीव वर्चुअल दर्शन किए, जिसे सभी ने बेहद सराहा।