Madhya Pradesh Legislative Assembly Goes Paperless: अब घर बैठे जनता देख सकेगी विधायकों के सवाल और सरकार के जवाब, एमपी विधानसभा में NeVA ऐप शुरू
भोपाल: मध्य प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से चुनकर विधानसभा पहुंचने वाले विधायक सदन के भीतर किस प्रकार के सवाल और मुद्दे उठा रहे हैं, अब इसे राज्य की आम जनता घर बैठे आसानी से देख और समझ सकेगी। आगामी विधानसभा सत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा में एक बड़ी व्यवस्था लागू होने जा रही है, जिसके तहत विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले तमाम प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और उन पर सरकार द्वारा दिए जाने वाले आधिकारिक उत्तर पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इसके लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुचर्चित ‘नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन’ (NeVA) की विधिवत शुरुआत कर दी गई है।
ऑनलाइन होंगे सभी सवाल-जवाब और ध्यानाकर्षण, सत्र के दौरान शुरू होगा प्रश्नकाल का लाइव प्रसारण
अब प्रदेशभर के सभी विधायक इस अत्याधुनिक पोर्टल के माध्यम से अपने सवाल, ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव ऑनलाइन ही प्रस्तुत कर सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल और उस पर सरकार की ओर से मिलने वाले जवाबों को अब आम नागरिक भी ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके अलावा, विधानसभा के आगामी सत्र से सदन के भीतर चलने वाले प्रश्नकाल का लाइव प्रसारण भी शुरू किया जा रहा है, जिससे जनता सीधे तौर पर सदन की कार्यवाही से जुड़ सकेगी।
NeVA लागू करने वाला देश का 20वां राज्य बना मध्य प्रदेश, विधायकों के लिए शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन को अपने यहां लागू करने के मामले में मध्य प्रदेश देश का 20वां राज्य बन गया है। अगर पूरे देश की बात की जाए, तो अब तक मध्य प्रदेश सहित कुल 20 राज्यों की विधानसभाएं और 2 विधान परिषदें इस डिजिटल प्रणाली को अपना चुकी हैं। इस हाई-टेक एप्लीकेशन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा के माननीय सदस्यों के लिए एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। इस प्रशिक्षण के तहत 50-50 विधायकों के अलग-अलग बैच बनाकर उन्हें इस डिजिटल एप्लीकेशन पर काम करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की शुरुआत, कहा- तकनीक से बढ़ेगी कार्यप्रणाली की गुणवत्ता और पारदर्शिता
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटाइजेशन की मदद से विधाई कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में बड़ा सुधार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए पिछले काफी समय से काम चल रहा था, और अब आगामी विधानसभा सत्र के साथ ही पूरी विधानसभा प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस (कागज रहित) हो जाएगी। हालांकि प्रदेश में ऑनलाइन प्रश्न लगाने की व्यवस्था पहले से ही संचालित थी, लेकिन अब अन्य सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विधाई कार्य भी इसी ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जाएंगे।
समिति के अध्यक्ष अजय विश्नोई की नसीहत, कहा- ‘अब हर गतिविधि पर रहेगी जनता की पैनी नजर, बढ़ गई है जिम्मेदारी’
ई-विधान एप्लीकेशन के लिए गठित की गई विशेष विधानसभा समिति के अध्यक्ष अजय विश्नोई ने NeVA लागू होने के बाद सभी विधायकों को और अधिक जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करने की सलाह दी है। उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हम सभी को यह आदत होती है कि जब किसी परिसर में लिखा होता है कि ‘आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं’, तो हम स्वाभाविक रूप से ज्यादा अनुशासित हो जाते हैं, ठीक उसी तरह जैसे ही हमने इस ई-विधान एप्लीकेशन में कदम रखा है, हमारी हर गतिविधि पूरी तरह पारदर्शी हो गई है।
क्लाउड पर सुरक्षित रहेगा सारा डेटा, विधायक क्या पूछते हैं और क्या जवाब आता है सब होगा सार्वजनिक
अजय विश्नोई ने स्पष्ट किया कि विधायक कौन सा सवाल लगा रहे हैं, उस पर क्या सवाल पूछे जा रहे हैं और सरकार की तरफ से क्या जवाब आ रहे हैं, यह तमाम डेटा एक सुरक्षित क्लाउड पर अपलोड किया जाएगा। इसे केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि राज्य का आम नागरिक भी आसानी से देख सकेगा। हम सदन के भीतर क्या करते हैं और हमारे सवालों का स्तर क्या होता है, यह सब कुछ इस एप्लीकेशन के माध्यम से जनता के सामने आ जाएगा, इसलिए सभी को इसके अनुरूप ही अपनी कार्यशैली रखनी होगी।
क्या है नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) और इसका इतिहास?
जानकारी के मुताबिक, ‘नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन’ (NeVA) केंद्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा चलाया जाने वाला एक महत्वाकांक्षी मिशन मोड प्रोजेक्ट है, जिसे ‘वन नेशन-वन एप्लीकेशन’ की परिकल्पना के तहत तैयार किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं और विधान परिषद की कार्यवाही को पूरी तरह से कागज-मुक्त (पेपरलेस) बनाना है। इस तकनीक के जरिए देश के सभी विधाई सदनों को एक साझा डिजिटल मंच पर लाया गया है, जिसे सभी विधायक अपने टैबलेट, मोबाइल, पीसी या लैपटॉप पर आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि देश में सबसे पहले इस अनूठी डिजिटल व्यवस्था को नागालैंड विधानसभा ने अपनाया था।