ब्रेकिंग
Bollywood News: टाइगर श्रॉफ ने 9 करोड़ में बेचा अपना लग्जरी फ्लैट, हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के... Kerala Accident News: एर्नाकुलम में तेज रफ्तार मर्सिडीज का कहर, जज के नाबालिग बेटे की टक्कर से बाइक ... Delhi School Bomb Threat: स्कूल में छुट्टी पाने के लिए छात्रा ने ही दी थी बम की झूठी धमकी, दिल्ली पु... Air India Flight Cancellations: मध्यपूर्व तनाव के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बढ़ाईं ... Amit Shah Delhi Meeting: गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस और सीएम के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, कानू... Mumbai Protest News: शिवाजी पार्क में आदिवासियों का GenZ जनआक्रोश मोर्चा आज, मंत्रियों के इस्तीफे और... Pakistan Cricket News: सलमान अली आगा की वापसी, मोहम्मद रिजवान बाहर; श्रीलंका के खिलाफ 14 सदस्यीय टेस... Mobile Market Trends India: मेमोरी चिप महंगी होने से कम हुए सस्ते फोन, लावा और एआई+ जैसे देसी ब्रांड... SIM Binding Rules in India: WhatsApp और Telegram के लिए नया नियम, सिम कार्ड हटाने पर बंद हो जाएंगे म... Sharad Purnima 2026: आज मनाई जा रही है शरद पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और संपूर्ण पौराणिक...

Chhindwara News: आजीविका मिशन ने बदली ग्रामीण महिलाओं की किस्मत, समता समन्वयक दीपिका और देवी बनीं आत्मनिर्भर

छिंदवाड़ा: कुछ साल पहले तक जिन महिलाओं की पूरी जिंदगी घर की चारदीवारी और खेतों में मजदूरी करते हुए बीतती थी, वे अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। न सिर्फ वे खुद आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि अपने आसपास की अन्य ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं का डटकर समाधान भी कर रही हैं। मध्य प्रदेश ग्रामीण राज्य आजीविका मिशन से जुड़कर छिंदवाड़ा की ये महिलाएं समाज में एक बड़ा बदलाव यानी ‘चेंजमेकर’ की भूमिका निभा रही हैं।

समता समन्वयक दीपिका इवनति की प्रेरणादायक कहानी

इस बदलाव की एक बेहतरीन मिसाल समता समन्वयक दीपिका इवनति हैं। उनका कहना है कि 6 साल पहले तक वह सिर्फ घर-गृहस्थी संभालती थीं और खेती-किसानी में पति का हाथ बंटाती थीं। साल 2020 में वह मध्य प्रदेश ग्रामीण राज्य आजीविका मिशन से जुड़ीं और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए साल 2024 से समता समन्वयक के पद पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। कभी ₹100 खर्च करने के लिए भी सोचना पड़ता था, लेकिन अब आजीविका मिशन की बदौलत उन्हें हर महीने ₹6500 मिलने लगे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी सुधर चुकी है।

लोक अधिकार केंद्र के जरिए महिलाओं को मिल रहा न्याय

दीपिका इवनति ने जानकारी दी कि साल 2024 से 2026 के दौरान उनके लोक अधिकार केंद्र में कुल 650 से अधिक मामले पहुंचे, जिनमें से लगभग 400 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित इन लोक अधिकार केंद्रों में घरेलू हिंसा, पात्रता आवास से जुड़ी समस्याएं, जॉब कार्ड, वन स्टॉप सेंटर और महिला हिंसा को रोकने जैसे गंभीर मामलों पर प्रभावी काम किया जाता है, जिससे पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल रहा है।

पति के साथ मिलकर शुरू किया किराना स्टोर और पंचर की दुकान

लोक अधिकार केंद्र में समता सखी के रूप में कार्य करने वाली देवी खतरकर की कहानी भी कम प्रेरणादायक नहीं है। पहले वह अपने पति के साथ मजदूरी का काम करती थीं। आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक संबल मिला, बल्कि उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर घर पर ही किराना स्टोर और हवा-पंचर की दुकान शुरू कर दी। इससे उनके परिवार की आर्थिक नींव बेहद मजबूत हुई है। उन्हें इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि अपना जीवन संवारने के साथ-साथ वे दूसरी जरूरतमंद महिलाओं की भी मदद कर पा रही हैं।