Aman Arora on Ram Mandir Donation: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर गरमाई सियासत, आप नेता अमन अरोड़ा ने पीएम मोदी से की सख्त सजा की मांग
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक प्रमुख मांग करते हुए कहा है कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के चंदा चोरी मामले के ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जानी चाहिए. उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भगवान राम के मंदिर से जुड़ी गहरी धार्मिक भावनाओं को भुनाकर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) को श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के साथ धोखा करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ना चाहिए. चंदा चोरी की कुल 105 घटनाओं का विशेष रूप से ज़िक्र करते हुए उन्होंने उच्चाधिकारियों और प्रबंधन की भूमिका की पूरी उच्चस्तरीय जांच की माँग की और कड़ा सवाल उठाया कि आखिर इस मामले में जवाबदेही सिर्फ़ छोटे और जूनियर कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों होनी चाहिए?
✉️ पंजाब के एक लाख राम भक्तों ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठियां, 22,000 पोलिंग बूथों से आई अपील
पत्रकारों के साथ एक महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि देश भर के लाखों राम भक्तों ने अपनी खून-पसीने की मेहनत की कमाई अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए पूरी श्रद्धा और पवित्र भावना के साथ दान दी थी. यदि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए इस पवित्र चंदे में किसी भी प्रकार का घोटाला या भ्रष्टाचार हुआ है, तो यह सीधे तौर पर उनकी आस्था के साथ एक बहुत बड़ा विश्वासघात है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाए, उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सज़ा मिले. पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से मिले पत्रों के बंडल मीडिया को दिखाते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य के एक लाख से ज़्यादा राम श्रद्धालुओं ने अपनी मर्जी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखित चिट्ठियां भेजी हैं, जिसमें उनसे इस मामले में सीधा दखल देने और पीड़ित भक्तों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की अपील की गई है. ये तमाम चिट्ठियां राज्य के करीब 22,000 पोलिंग बूथों से एकत्रित करके लाई गई हैं, जिन्हें पार्टी श्रद्धालुओं की मिली-जुली सामूहिक अपील के रूप में प्रधानमंत्री को सौंपेगी.
🔍 कैमरे में कैद हुई 105 चोरी की घटनाएं, सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?
अमन अरोड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि वह यह संवेदनशील मुद्दा किसी पार्टी के प्रधान के तौर पर नहीं, बल्कि देश के एक आम राम भक्त के रूप में उठा रहे हैं, जो पूरे पंजाब के लाखों नागरिकों के दर्द और रोष को भली-भांति महसूस करते हैं. पूरे देश के लोगों ने श्री राम मंदिर के निर्माण का उत्सव बेहद खुशी और उल्लास के साथ मनाया था तथा अपनी गाढ़ी कमाई से दिल खोलकर सहयोग किया था. उन्होंने सवाल किया कि जब रिपोर्टों में सीसीटीवी कैमरों में साफ कैद और एसआईटी (SIT) द्वारा जांची गई चंदा चोरी की 105 घटनाओं का जिक्र है, तो निगरानी और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए बिना यह सब कैसे हो सकता है? यदि इतने बड़े और पवित्र धार्मिक संस्थान में बार-बार चोरी की ऐसी घटनाएं हुई हैं, तो इसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी सिर्फ कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों पर डालकर पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी गहराई से जांच होनी चाहिए.