साधारण परिवार की बेटी से कैसे अंडरवर्ल्ड और माफिया के संपर्क में आई श्रद्धा दुबे? जानिए पूरी क्राइम कुंडली
वह तो सामान्य परिवार की एक मासूम बेटी थी, लेकिन हालात ने उसे ऐसे-ऐसे जख्म दिए कि वह अपनी बाली उम्र में ही विद्रोही बन गई. पिता से विद्रोह किया, लखनऊ पहुंची और रिश्तेदार ने पाल-पोष कर बड़ा किया. तभी पिता ने उसकी शादी हैदराबाद की एक प्रतिष्ठित कंपनी में आईटी इंजीनियर के साथ कर दी. कुछ दिन पति के साथ भी रही, एक बेटा भी पैदा हुआ, लेकिन वहां उसे अपेक्षित प्यार नहीं मिला. यहीं पर उसने पति से विद्रोह किया और फिर बन गई आज की श्रद्धा दुबे.
इस प्रसंग में लखनऊ की उसी श्रद्धा दुबे की कहानी है, जिसमें उसके खाकी-खादी से लेकर अंडरवर्ल्ड तक से कनेक्शन के साथ उसकी उन अनछुई कहानियों को भी बताएंगे, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो सकते हैं. आइए, शुरू से शुरू करते हैं. श्रद्धा दुबे का जन्म रायबरेली के रहने वाले एक सामान्य परिवार में हुआ था. उसके पिता एसके दुबे जेई से रिटायर्ड हैं. करीब छह साल की उम्र में श्रद्धा की मां का देहांत हो गया था और उस समय उसकी छोटी बहन रश्मि महज तीन साल की थी.
💔 माता का निधन, सौतेली मां का अत्याचार और आईटी इंजीनियर से शादी के बाद बगावत
श्रद्धा की मां के देहांत के कुछ ही दिन बाद एसके दुबे ने दूसरी शादी कर ली, लेकिन श्रद्धा की सौतेली मां से बिल्कुल नहीं पटी. आए दिन वह श्रद्धा की पिटाई कर देती और पिता भी अपनी दूसरी पत्नी का पक्ष लेते. ऐसे में श्रद्धा दुबे ने विद्रोही तेवर अपना लिया और बहन रश्मि को लेकर लखनऊ में रहने वाले रिश्तेदार के पास चली आई. 19 साल की उम्र तक वह यहीं रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की.
वह 19-20 साल की रही होगी, तभी पिता एसके दुबे ने हैदराबाद में रहने वाले युवक से उसकी शादी कर दी. श्रद्धा का पति हैदराबाद स्थित एक प्रतिष्ठित एमएनसी में इंजीनियर है. इस शादी के बाद कुछ दिन तो अच्छे बीते, लेकिन श्रद्धा का पति से मन भर गया और उसकी महत्वाकांक्षा जगने लगी. फिर उसने पति से बात कर फैशन डिजाइनिंग एवं मॉडलिंग के कोर्स में एडमिशन लिया. एक तरफ उसका कोर्स पूरा हुआ, दूसरी ओर उसे एक बेटा पैदा हो गया.
🚗 पति-बच्चा छोड़कर लखनऊ वापसी, डी कंपनी के गुर्गों से संपर्क और अपराध की दुनिया में कदम
श्रद्धा चाहती थी कि वह लखनऊ में रहे, जबकि पति की इच्छा हैदराबाद के पॉश इलाके में कोठी खरीदकर घर बसाने की थी. विचारों में मतभेद हुआ तो महज चार या पांच साल साथ रहने के बाद श्रद्धा ने पति और बच्चे दोनों को छोड़ दिया और लखनऊ आ गई. यहां कुछ दिन शांत बैठने के बाद साल 2022 में वह मॉडलिंग के क्षेत्र में एक्टिव हो गई. जयपुर और दिल्ली में उसने कई कार्यक्रम अटेंड किए और इसी दौरान वह पहली बार डी कंपनी के गुर्गे जुल्फीकार के संपर्क में आई.
उन दिनों जुल्फीकार उर्फ जुल्फी अबू सलेम के कहने पर दिल्ली और लखनऊ में पांव पसारने की कोशिश कर रहा था. उसे श्रद्धा का साथ मिला और दोनों मिलकर उगाही, रंगदारी और ब्लैकमेलिंग का काम करने लगे. इसके बाद कुछ और अपराधी इसके संपर्क में आए और इनके जरिए उसने कई नेताओं, आईएएस व आईपीएस अधिकारियों से भी नजदीकियां बढ़ाईं, जिसके बाद उसने आयुष्मान घोटाले को भी अंजाम दिया.
⚡ शिवा शर्मा के साथ चार महीने का साथ, लेनदेन का विवाद और रहस्यमयी मौत का मामला
जुलाई 2026 में एक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा दुबे की मुलाकात शिवा शर्मा से हुई. उस समय शिवा शर्मा की तीन फर्म संचालित हो रहीं थीं—एक कपड़े की दुकान, दूसरा चिकन पॉइंट और तीसरा कैफे. दोनों की मुलाकातें बढ़ीं और महज एक महीने बाद यानी अगस्त में दोनों साथ रहने लगे. आरोप है कि श्रद्धा की ख्वाहिशें पूरी करने के चक्कर में शिवा की कपड़े की दुकान बर्बादी के कगार पर पहुंच गई और चिकन पॉइंट भी घाटे में आ गया.
आरोप है कि इस घाटे की वजह से शिवा तनाव में रहने लगा और श्रद्धा की डिमांड पूरी न कर पाने के कारण उसने बनवाए गए जेवर भी बेच दिए. इसको लेकर श्रद्धा ने उसे खूब हड़काया था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. आरोप है कि इसी लेनदेन के विवाद में बीते 9 अक्टूबर को उसकी हत्या कर दी गई और मामले को सुसाइड करार देने के लिए शव को चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया.