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Katras Durga Puja 2026: धनबाद के कतरास में थाईलैंड के अरुण मंदिर जैसा भव्य पंडाल, शंख और सीप से की गई खास सजावट

धनबाद: कतरास में दुर्गापूजा की भव्यता श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। कतरास के GNM मैदान में तैयार पूजा पंडाल की बनावट थाईलैंड के प्रसिद्ध अरुण मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित है। करीब 50 से 55 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पंडाल में शंख और सीप से की गई सजावट इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रही है। लगभग 150 कारीगरों की मेहनत और कलात्मक हुनर से इस भव्य पंडाल को आकार दिया गया है।

धार्मिक आस्था, विदेशी स्थापत्य कला और कारीगरों की बेजोड़ कारीगरी का यह संगम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कतरास के GNM हाई स्कूल रोड स्थित पूजा पंडाल में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को विदेशी स्थापत्य कला की झलक देखने को मिल रही है। इसकी भव्य बनावट और आकर्षक सजावट लोगों को अपनी ओर खींच रही है इस पंडाल की सबसे खास बात है, इसकी सजावट में शंख और सीप का इस्तेमाल है।

🎨 150 कारीगरों की मेहनत और प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार अनूठी कलाकृतियां

इन प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार कलाकृतियां पंडाल को अलग पहचान दे रही हैं। करीब 50 से 55 लाख रुपये की लागत से तैयार इस पंडाल को भव्य रूप देने में लगभग 150 कारीगरों ने अपनी मेहनत और हुनर लगाया है। इन कारीगरों की कलात्मकता पंडाल के हर हिस्से में दिखाई देती है। पंडाल की आकर्षक संरचना और सजावट को तैयार करने में कारीगरों की बारीक कारीगरी का खास योगदान है। हर हिस्से को खूबसूरत बनाने की कोशिश यहां साफ नजर आती है। धार्मिक आस्था के साथ कला और संस्कृति का यह मेल दुर्गापूजा को एक नया आयाम दे रहा है।

🛡️ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और श्रद्धालुओं का उमड़ रहा हुजूम

मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु पंडाल की भव्यता को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुख्ता तैयारी की गई है। पंडाल में सीसीटीवी कैमरों, महिला सुरक्षा और वॉकी-टॉकी के जरिए आपसी समन्वय की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कतरास का GNM पूजा पंडाल इस बात की मिसाल है कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति और रचनात्मकता को भी बेहतरीन मंच देती है। आस्था के रंग, विदेशी वास्तुकला की झलक और 150 कारीगरों की कड़ी मेहनत से सजा यह पंडाल इस बार अपनी भव्यता और अनूठी सजावट से सबका ध्यान खींच रहा है।