ब्रेकिंग
Supreme Court Ruling: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला— बच्चों का इंटरनेट इस्तेमाल करना है मौलिक अधिकार Kota Medical College News: कोटा में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर हंगामा, सीजेरियन डिलीवरी और इंजेक्शन ल... Banda Road Accident News: उत्तर प्रदेश के बांदा में तेज रफ्तार बाइक ने महिला को मारी टक्कर, इलाज के ... Yogi Adityanath on Navratri 2026: सीएम योगी ने की मां कालरात्रि की आराधना, कहा— '2017 से पहले प्रदेश... RG Kar Medical College Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को मिली जमानत, समिक भट्टाचार्य का ... Pregnancy Scan Guide: प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड क्यों जरूरी है और डॉक्टर एमआरआई (MRI) कराने से क्य... Greater Noida Mystery: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत, फूड पॉइजन... Meerut Saurabh Rajput Murder Case: मौत की सजा पाने वाली मुस्कान अब जाएगी हाईकोर्ट, जेल प्रशासन से मा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: करोड़पति कारोबारी हत्याकांड के 9 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर... CJP Founder Abhijit Dipke Bail: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को कोर्ट से मिली जमानत, 50...

MP Ashirwad Ka Diya Scam: प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रम पर उठे सवाल, कांग्रेस ने 6 घंटे में टेंडर देने का लगाया आरोप

भोपाल: देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में आयोजित हुए ‘आर्शीवाद का दीया’ कार्यक्रम की टेंडर प्रक्रिया को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उज्जैन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम के लिए महज 6 घंटे के भीतर ही पूरी टेंडर प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा कर लिया गया और अहमदाबाद की एक निजी कंपनी को इसका ठेका दे दिया गया। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ दो ही टेंडर आए और उस कंपनी को 4.18 करोड़ रुपये का टेंडर थमा दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले में सरकारी भंडार क्रय नियमों (Store Purchase Rules) का जरा भी पालन नहीं किया गया, जिसके चलते अब इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की जा रही है।

📋 सिर्फ 6 घंटे में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता अमित शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि सरकार ने इस कार्यक्रम के नाम पर भ्रष्टाचार का एक नया दीया जलाया है। प्रदेश के निर्धारित भंडार क्रय नियमों के मुताबिक, किसी भी सामान्य टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कम से कम 3 से 7 दिन का समय दिया जाना अनिवार्य होता है। ‘आर्शीवाद का दीया’ कार्यक्रम के आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग को सौंपी गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए 16 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर टेंडर जारी किया गया था, जिसके लिए आवेदन की समय-सीमा शाम 5 बजे तक ही रखी गई थी। तय समय के बाद, शाम 5 बजकर 21 मिनट पर गुजरात के अहमदाबाद की एक कंपनी ने अपना टेंडर डाला। इसके बाद रात 9 बजकर 34 मिनट पर एक अन्य कंपनी ने टेंडर भरा और उसके महज डेढ़ घंटे के भीतर ही रात में ही अहमदाबाद की उस कंपनी को 4.18 करोड़ रुपये का टेंडर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया।

🔍 संविदा कर्मचारियों को आगे करने का आरोप और सीबीआई जांच की मांग

कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराए जाने की पुरजोर मांग की है। कांग्रेस नेता अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि इस पूरी संदिग्ध टेंडर प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए विभाग में संविदा (Contract) पर पदस्थ दो कर्मचारियों को आगे किया गया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के फौरन बाद उज्जैन के कलेक्टर को आधिकारिक आदेश जारी कर यह बता दिया गया कि 17 सितंबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए अहमदाबाद की कंपनी को अधिकृत कर दिया गया है।

कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की सीबीआई से स्वतंत्र जाँच कराई जाए और साथ ही कार्यक्रम पर हुए वास्तविक खर्च, तमाम पूरक बिलों (Supplementary Bills) तथा किए गए कुल भुगतान का एक विस्तृत और पारदर्शी ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।