LPU Violence Case Update: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, रेडिट पर पोस्ट करने वाली छात्रा की पहचान
फगवाड़ा: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक भ्रामक पोस्ट को लेकर पुलिस जांच में एक नया और अहम खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, कथित दुष्कर्म से जुड़ी यह सनसनीखेज पोस्ट यूनिवर्सिटी की फर्स्ट ईयर (First Year) की एक छात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर डाली थी। जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा ने यह पोस्ट दो बार साझा की थी। हालांकि, पुलिस की पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि छात्रा के पास इस घटना को लेकर कोई भी प्रत्यक्ष जानकारी (Eyewitness Evidence) नहीं थी, बल्कि उसने केवल सुनी-सुनाई बातों और अफवाहों के आधार पर अपनी राय सोशल मीडिया पर लिख दी थी।
🕵️♂️ अमेरिका मुख्यालय से मिली जानकारी के आधार पर हुई पहचान
पुलिस ने Reddit के अमेरिका स्थित आधिकारिक मुख्यालय से प्राप्त तकनीकी जानकारी और डिजिटल जांच के आधार पर पोस्ट करने वाली छात्रा की सटीक पहचान की। इसके बाद विशेष जांच दल (SIT) ने छात्रा से लंबी पूछताछ की और उसका बयान दर्ज किया।
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कब की गई थी पोस्ट: जांच के अनुसार, यह भ्रामक पोस्ट पहली बार 24 सितंबर को और इसके बाद 26 सितंबर को दोबारा साझा की गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया था।
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माहौल हुआ था तनावपूर्ण: पुलिस का कहना है कि यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैली, जिसके कारण छात्रों के बीच भारी नाराजगी और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और देखते ही देखते यूनिवर्सिटी परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
⚖️ हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, हिंसा में 15 उपद्रवी चिन्हित
LPU में हुई आगजनी, तोड़फोड़ और भारी हिंसा का यह पूरा मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।
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अचानक सुनवाई में खुलासे: मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सोशल मीडिया पर फैली कथित गलत सूचनाओं और अफवाहों को लेकर राज्य सरकार से कड़े सवाल किए। सरकार ने अदालत को स्पष्ट रूप से बताया कि अब तक की गई गहन जांच में किसी भी तरह के दुष्कर्म या हत्या की कोई घटना सामने नहीं आई है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
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गिरफ्तारी की कार्रवाई: सरकार ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि हिंसा और आगजनी में कथित रूप से शामिल 15 उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है और उन सभी आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार की इस स्टेटस रिपोर्ट पर सोमवार तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, सुनवाई को सोमवार तक स्थगित करते हुए अदालत ने सरकार से यह भी जवाब मांगा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं और अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन क्या पुख्ता कदम उठा रहा है।