ब्रेकिंग
Gariaband Crime News: गरियाबंद में गांजा तस्करी का अनोखा मामला, मां-बेटे को 18 किलो गांजे के साथ पुल... Thane District News: आदिवासी आश्रम स्कूल के छात्र की मौत पर आक्रोश, परिजनों और संगठनों ने किया प्रदर... Durg Police Action: ठाणे के अपार्टमेंट में चल रहा था रेड्डी अन्ना और फेयरप्ले ऐप का खेल, छत्तीसगढ़ प... Balrampur Development News: डिप्टी सीएम अरुण साव ने 157 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भ... Balrampur News: विजयनगर स्कूल में मधुमक्खियों के हमले से घायल 12 बच्चों के लिए 3 लाख रुपये की सहायता... Magarlod Police Action: मेघा गांव में पेट्रोल पंप और बाइक फूंकने वाला आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ... Dhamtari Extortion Case: नहरनाका चौक पर वाहनों को रोककर पैसे लेने का मामला, खनिज अधिकारी ने दिए जांच... Bilaspur Crime News: गरबा ड्रेस पहनकर सिगरेट पीने और पिस्तौल दिखाने वाली युवतियों समेत 9 आरोपी गिरफ्... Women T20 Series Raipur: रायपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रोमांच, जानिए टिकट दरें, श्रेणियां और प... Mahasamund Crime News: ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2.80 करोड़ का गांजा जब्...

Bihar Jail News: बिहारशरीफ मंडल कारा में बड़ी लापरवाही, जमानत बड़े भाई को मिली और जेल से बाहर निकल गया छोटा भाई

बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ मंडल कारा से एक बेहद चौंकाने वाला और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जेल की ऊंची दीवारें और कड़े सुरक्षा इंतजामों के दावों के बीच रिहाई के वक्त कैदी की पहचान बदलने का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि कागजों पर जमानत बड़े भाई सतीश चौहान को मिली थी, लेकिन जेल से बाहर उसका छोटा भाई चंद्रदीप चौहान निकल गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 24 सितंबर को हुई इस भारी गड़बड़ी का खुलासा पूरे एक हफ्ते बाद यानी 1 अक्टूबर को हुआ। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और कारा महानिरीक्षक के स्तर पर जेल उपाधीक्षक अरविंद कुमार समेत तीन जेलकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

👥 क्या है पूरा मामला और कैसे हुई पहचान में चूक?

यह पूरा मामला अस्थावां थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। नागो चौहान के दो बेटे—सतीश चौहान उर्फ सतीश बिंद (27) और चंद्रदीप चौहान उर्फ चंद्रदीप बिंद (25)—अलग-अलग मामलों में बिहारशरीफ मंडल कारा में बंद थे।

  • नाम की समानता: जानकारी के मुताबिक, दोनों भाइयों के पिता का नाम एक ही (चंद्रदीप/नागो चौहान से जुड़ा) होने और नाम मिलते-जुलते होने के कारण पहचान में भारी चूक हुई।

  • आपराधिक मामले: बताया जाता है कि गत 4 जुलाई को अस्थावां थाना क्षेत्र के सोयवापर गांव के पास एक युवती से छेड़खानी और मारपीट के आरोप में दोनों भाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सतीश चौहान कुछ मामलों में आरोपी था, जबकि चंद्रदीप दूसरे मामले में बंद था।

🔍 सात दिन तक किसी को क्यों नहीं लगी भनक?

इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि 24 सितंबर को हुई इस गलती का पता 1 अक्टूबर को सहायक प्रवेश शाखा के कक्षपाल नवीश कुमार द्वारा रिपोर्ट तैयार किए जाने के बाद चला। तब जाकर यह स्पष्ट हुआ कि जिस सतीश चौहान को जमानत मिली थी, वह तो अभी भी जेल के अंदर ही बंद है, जबकि उसकी जगह दूसरा बंदी बाहर जा चुका है। गड़बड़ी सामने आने के बाद जब रिकॉर्ड खंगाले गए और मामला गर्माया, तो संबंधित अधिवक्ता के निर्देश पर चंद्रदीप ने खुद अदालत में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और रिहाई से पहले कैदियों की तस्वीर, व्यक्तिगत पहचान व लंबित मामलों के रिकॉर्ड के मिलान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।