Chenab Bridge Vande Bharat: इंजीनियरिंग का नायाब नमूना! चेनाब और अंजी पुल को पार करती हुई कश्मीर घाटी पहुंची वंदे भारत
जम्मू श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस ट्रेन ने चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को पार किया है. यहां से चारों तरफ घाटी और पहाड़ों के जबरदस्त नजारे दिखाई देती हैं. कटरा बनिहाल सेक्शन पर स्पीड बढ़ने के बाद ट्रेन ने 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह पुल पार किया.
यह इंजीनियरिंग का एक बड़ा मील का पत्थर है. यह रूट कश्मीर घाटी तक पहुंचने का एक आसान तरीका भी देता है, जिससे यात्री वहां के शानदार नजारों, झीलों और बगीचों को देख सकते हैं. चलिए जान लेते हैं इस बारे में सारी डिटेल्स जो आपकी जर्नी को आसान बनाने में हेल्प करेंगी.
वंदे भारत का रूट और खास पड़ाव
यह सीधी वंदे भारत सेवा जम्मू तवी को श्रीनगर से जोड़ती है. यह लगभग 266 किलोमीटर का सफर करीब पांच घंटे में पूरा करती है. रास्ते में श्री माता वैष्णो देवी कटरा, रियासी और बनिहाल जैसे खास स्टॉप आते हैं.
यह रूट उधमपुर श्रीनगर बारामूला रेल लिंक यानी USBRL का हिस्सा है और ये लिंक कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ता है. इस रूट का एक बड़ा आकर्षण चेनाब रेलवे पुल है, जो नदी तल से लगभग 359 मीटर ऊपर है. ट्रेन भारत के पहले केबल स्टेयड रेलवे पुल अंजी खड्ड पुल को भी पार करती है, साथ ही हिमालय के मुश्किल इलाकों में बनी सुरंगों से होकर भी गुजरती है.
यात्रा का समय और किराया
ट्रेन नंबर 26401 जम्मू तवी से सुबह 6:20 बजे चलती है और श्रीनगर सुबह 11:10 बजे पहुंचती है. वापसी में ट्रेन नंबर 26402 श्रीनगर से दोपहर 2 बजे चलती है और शाम 6:50 बजे जम्मू पहुंचती है.
इस रूट पर एसी चेयर कार का किराया 720 रुपये है, जबकि एक्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 1,330 रुपये तय किया गया है.
कश्मीर में घूमने की जगहें
इस ट्रेन यात्रा के साथ आप कश्मीर के कई खूबसूरत स्थानों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं. श्रीनगर में डल झील, मुगल गार्डन और पुराने शहर के बाजार घूम सकते हैं. कटरा वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा का शुरुआती बिंदु है. पटनीटॉप अपनी हरी भरी घास के मैदानों और देवदार के जंगलों के लिए जाना जाता है. पहलगाम अपनी शानदार घाटियों और नदियों के लिए मशहूर है, वहीं गुलमर्ग अपने पहाड़ी नजारों और गोंडोला राइड के लिए जाना जाता है.
यह वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों को कश्मीर को रेल से अनुभव करने का एक अनोखा मौका देती है, जहां यात्रा अपने आप में एक छुट्टी का खास हिस्सा बन जाती है.