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Kharif Crop Girdavari Korba: किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, समय पर गिरदावरी न होने से धान पंजीयन और मुआवजे पर संकट

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खरीफ फसलों की गिरदावरी (फसल का रकबा और विस्तृत विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया) को लेकर प्रशासनिक खींचतान और संकट गहराता जा रहा है। पटवारियों के बाद अब ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने भी नए ‘पीवी एप’ (PVApp) के माध्यम से गिरदावरी का कार्य करने से साफ इनकार कर दिया है। नाराज कृषि अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इस अतिरिक्त और गैर-विभागिय कार्य से मुक्त नहीं किया गया, तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इस संबंध में कृषि अधिकारियों ने जिला कृषि अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस कार्य से पूरी तरह अलग रखने का निवेदन किया है।

🚫 अधर में लटकी खरीफ फसल गणना की प्रक्रिया: राजस्व विभाग के कार्य का कृषि अमले पर थोपे जाने का विरोध

नियमों और पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार हर साल फसल की गिरदावरी राजस्व विभाग के मैदानी अमले यानी पटवारियों द्वारा की जाती है, जिसके आधार पर खसरा-वार सटीक डेटा तैयार होता है। इस वर्ष शासन ने 18 सितंबर को नए पीवी एप के जरिए गिरदावरी करने के निर्देश दिए थे। शुरुआत में पटवारियों ने तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों का हवाला देकर इससे इनकार किया, जिसके बाद यह जिम्मा कृषि विभाग के मैदानी अमलों को सौंप दिया गया। कृषि विस्तार अधिकारियों का तर्क है कि वे पहले से ही किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, फसल सुरक्षा और सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे हैं, ऐसे में उन पर राजस्व विभाग का अतिरिक्त बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है।

⚠️️ किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें: धान पंजीयन और मुआवजा वितरण पर मंडराया संकट

दोनों प्रमुख विभागों के मैदानी अमले द्वारा काम के बहिष्कार से खरीफ फसलों की गिरदावरी का कार्य बीच में ही अधर में लटक गया है। यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो इसका सीधा और गंभीर असर अन्नदाता किसानों पर पड़ेगा। समय पर गिरदावरी न होने के कारण किसानों को आगामी धान खरीदी पंजीयन, सरकारी योजनाओं का लाभ, फसल बीमा और प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के मुआवजे के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच, अतिरिक्त कलेक्टर (एडीएम) देवेंद्र पटेल ने कहा है कि गिरदावरी मूल रूप से राजस्व विभाग का कार्य है जिसमें कृषि अधिकारियों को भी जोड़ा गया था, सॉफ्टवेयर संबंधी शिकायतों को दूर कर आपसी समन्वय के साथ जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।