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UP News: कासगंज से दिल्ली नौकरी करने निकला 16 वर्षीय किशोर 2 महीने बाद मिला, परिवार में लौटी खुशियां

कासगंज की आवास विकास कॉलोनी निवासी चंद्रपाल सिंह चौहान के परिवार का पिछले 57 दिनों से चला आ रहा दर्दनाक इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। संत प्रेमानंद महाराज का भक्त और 16 वर्षीय किशोर मयंक सिंह चौहान उर्फ मनु सुरक्षित अपनी ननिहाल प्रयागराज पहुंच गया है। बेटे के सकुशल मिलने से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है और पुलिस ने भी मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच शुरू कर दी है।

📝 रात 2 बजे घर से निकला था 16 वर्षीय किशोर: दिल्ली जाने का छोड़ा था पत्र, वृंदावन में होने का था शक

यह मामला बीती 7 अगस्त 2026 की रात का है। परिजनों के अनुसार, 16 वर्षीय मयंक रात करीब 2 बजे बिना किसी को बताए अचानक घर से निकल गया था। उसने अपने पीछे एक पत्र छोड़ा था, जिसमें उसने दिल्ली जाकर नौकरी करने की बात लिखी थी। हालांकि, वह संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अगाध श्रद्धा रखता था और नियमित रूप से नाम-जाप करता था, इसलिए परिजनों को गहरा शक था कि वह वृंदावन में महाराज जी के आश्रम या उसके आसपास हो सकता है।

🔍 मथुरा, वृंदावन से लेकर दिल्ली तक की गई थी तलाश: सोशल मीडिया पर भी लगाई गई थी गुहार

मयंक के अचानक गायब होने के बाद कासगंज कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने पिछले 57 दिनों में मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और दिल्ली समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थानों पर उसकी दिन-रात तलाश की। इसके अलावा सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार माध्यमों से भी उसके आश्रम में होने की आशंका जताते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाई गई थी।

🚓 ननिहाल प्रयागराज पहुंचने पर परिजनों ने ली राहत की सांस: 57 दिनों का राज जानने में जुटी पुलिस

करीब दो महीने की लगातार खोजबीन के बाद मयंक सुरक्षित प्रयागराज स्थित अपनी ननिहाल पहुंच गया। मयंक के पिता चंद्रपाल सिंह चौहान ने फोन पर मीडिया को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है। इधर, कासगंज पुलिस भी मयंक के सकुशल मिलने की सूचना के बाद एक्टिव हो गई है। पुलिस अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि पिछले 57 दिनों तक यह किशोर कहां रहा, उसने किन परिस्थितियों में समय बिताया और वह कासगंज से प्रयागराज कैसे पहुंचा।