ब्रेकिंग
West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प... Delhi High Court Notice: करोल बाग में मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, DDA ... पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, 'लव जिहाद'... Seoni Murder Case: मध्य प्रदेश के सिवनी में सनसनीखेज हत्याकांड, मां और मामा ने मिलकर की 22 वर्षीय यु... विपक्ष की रैली पर आशीष शेलार का तीखा हमला: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को बताया ‘लोमड़ियों ...

INDIA Alliance Protest: EVM और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, खरगे बोले- 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेगा विपक्ष

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग पर बेहद तीखा हमला बोला है।

उन्होंने वर्तमान चुनावी व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाते हुए लोकसभा और देश की सभी राज्य विधानसभाओं को तत्काल भंग कर नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की।

खरगे ने पुरजोर शब्दों में कहा कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से गैर-कानूनी है और लोकतंत्र की बहाली के लिए अब देश में केवल बैलेट पेपर (मतपत्र) के जरिए ही मतदान कराया जाना चाहिए।

⚡ ‘देश में चल रहे गैर-कानूनी चुनाव’: खरगे का प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों पर तीखा जुबानी हमला

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दिए गए प्रमुख बयानों का विवरण:

  • चुनावी प्रक्रिया को बताया अवैध: पीटीआई (PTI) के अनुसार पत्रकारों से मुखातिब होते हुए खरगे ने कहा कि आज पूरा देश गैर-कानूनी ढंग से कराए गए चुनावों पर चल रहा है।

  • संवैधानिक पदों पर सवाल: उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत मोदी एक गैर-कानूनी प्रधानमंत्री हैं, अमित शाह एक गैर-कानूनी गृह मंत्री हैं और राज्यों में बैठे सभी मुख्यमंत्री भी गैर-कानूनी हैं।

  • संस्थाओं को भंग करने की मांग: खरगे ने आह्वान किया कि इन सभी सरकारों को तत्काल भंग किया जाना चाहिए और देश भर में केवल बैलेट पेपर के जरिए पारदर्शी चुनाव आयोजित किए जाने चाहिए।

💻 EVM का दुरुपयोग और SIR में भारी धांधली का आरोप: गरीबों और अल्पसंख्यकों के नाम काटने का दावा

मतदाता सूची पुनरीक्षण और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर लगाए गए आरोप:

  • ईवीएम पर सवाल: कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनावों में ईवीएम (EVM) का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है और अब यह बात उनके अपने लोग भी कहने लगे हैं।

  • SIR प्रक्रिया पर आपत्ति: उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जो लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रही हैं।

  • वंचित वर्गों पर असर: खरगे के अनुसार, SIR की आड़ में जानबूझकर गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों, कम पढ़े-लिखे नागरिकों और अल्पसंख्यक वर्ग के वैध मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है।

  • आयोग का पक्ष: हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के उपरांत छूटे हुए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है।

📢 SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन का देशव्यापी आंदोलन: 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों का मार्च

विपक्षी दलों की साझा कार्ययोजना और विरोध प्रदर्शनों की समय-सारणी:

  • संयुक्त आंदोलन का फैसला: खरगे ने 30 सितंबर को संपन्न हुई INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक का हवाला देते हुए बताया कि सभी विपक्षी दलों ने चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ साझा संघर्ष का निर्णय लिया है।

  • सेव डेमोक्रेसी अभियान: गठबंधन द्वारा 2 से 8 अक्टूबर तक देश भर में ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

  • चुनाव आयोग तक मार्च: इसी रणनीति के तहत आगामी 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के तमाम सांसद भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालेंगे।

⚖️ चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा पर सवाल: ‘लोगों को जागरूक करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य’

संवैधानिक स्वायत्तता और जन-जागरूकता पर कांग्रेस अध्यक्ष का दृष्टिकोण:

  • नियुक्ति प्रक्रिया पर आपत्ति: खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से मिली विशेष सुरक्षा तथा 2023 के संशोधित कानून के तहत नियुक्ति प्रक्रिया में हुए बदलावों पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि इससे संस्था की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।

  • जनता को जगाने का संकल्प: उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य जनता को चुनावी प्रक्रिया में हो रही धांधली के प्रति सतर्क व जागरूक करना है।

  • तानाशाही पर तंज: खरगे ने दो टूक कहा, “हमारा काम जनता को जगाना है, लेकिन इसके बावजूद अगर लोग केवल ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाते रहेंगे, तो इसका सीधा अर्थ यह है कि आपको देश में तानाशाही ही पसंद है।”