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यमुनानगर के छछरौली में दर्दनाक हादसा: 11 हजार केवी लाइन पर कर्मचारी की मौत, दफ्तर में शव रख फूटा गुस्सा

हरियाणा के यमुनानगर जिले के छछरौली क्षेत्र में बिजली विभाग के एक कर्मचारी की कार्य के दौरान करंट लगने से हुई मौत के बाद भारी बवाल मच गया है।

मृतक की पहचान बिजली कर्मी संजीव कुमार के रूप में हुई है, जो 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर मरम्मत कार्य कर रहे थे।

हादसे की सूचना जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों को मिली, उनका आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन शव को सीधे छछरौली स्थित बिजली निगम के कार्यालय ले पहुंचे और वहां जमकर प्रदर्शन किया। स्थिति की संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तत्काल बिजली दफ्तर को भारी पुलिस बल तैनात कर छावनी में तब्दील कर दिया गया।

🚔 बिजली दफ्तर बना पुलिस छावनी: परिजनों ने लगाए लापरवाही और हत्या के गंभीर आरोप

अधिकारियों की मौजूदगी और परिजनों की व्यथा:

  • वरिष्ठ अधिकारी मौके पर: हंगामे और तनावपूर्ण माहौल की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के एक्सईएन (XEN), डीएसपी रमेश कुमार और छछरौली थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • समय पर सूचना न देने का आरोप: परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे की सूचना उन्हें समय रहते नहीं दी गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई।

  • पत्नी का गंभीर बयान: मृतक संजीव कुमार की पत्नी गीता ने बिलखते हुए आरोप लगाया कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि घोर लापरवाही के चलते हुआ मर्डर है।

  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी: परिजनों का कहना है कि यदि हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल और लाइन शटडाउन की औपचारिक प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन किया गया होता, तो संजीव की जान बचाई जा सकती थी।

📜 नौकरी, मुआवजा और दोषियों पर एक्शन की मांग: SDO, JE समेत 4 पर मुकदमा दर्ज

प्रशासनिक आश्वासन और पुलिस कार्रवाई का ब्योरा:

  • परिजनों की प्रमुख मांगें: पीड़ित परिवार ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी है कि मृतक की पत्नी को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा मिले और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

  • विभागीय जांच का भरोसा: बिजली विभाग के अधिकारी सुखदेव ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।

  • SDO और JE पर FIR: डीएसपी रमेश कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित एसडीओ (SDO), जेई (JE), लाइनमैन और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न सुसंगत आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

❓ सुरक्षा व्यवस्था और शटडाउन में चूक पर बड़ा सवाल: क्या पुलिस जांच से खुलेगी सच्चाई?

हादसे के बाद उठ रहे तकनीकी और प्रशासनिक सवाल:

  • शटडाउन में कहां हुई चूक: इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर काम के दौरान बिजली आपूर्ति कैसे चालू थी या किसके इशारे पर चालू की गई?

  • सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता: क्या कर्मचारी को लाइन पर चढ़ने से पहले अर्थिंग रॉड, रबर ग्लव्स और हेलमेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे?

  • निष्पक्ष जांच का इंतजार: अब यह देखना बाकी है कि पुलिस की आपराधिक जांच और बिजली निगम की आंतरिक जांच के बाद हादसे के असल जिम्मेदार कौन सामने आते हैं।