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UP News Today: बिजनौर के अमीखानपुर में 26 बीघा कृषि भूमि हथकंडे का मामला, एसपी केके बिश्नोई ने दी जानकारी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ की पैतृक संपत्ति को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की बड़ी साजिश रची गई है। नजीबाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम अमीखानपुर में आरोपियों ने कमलनाथ के दिवंगत पिता महेंद्रनाथ की फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर करीब 26 बीघा कृषि भूमि पर अपना मालिकाना हक जताने का प्रयास किया। इस गंभीर मामले में पुलिस ने कमलनाथ की शिकायत पर एक क्षेत्रीय लेखपाल समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, जिनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

📄 फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र का खेल: पिता की मौत की तारीख बदलकर अदालत में पेश किए गए कागजात

बिजनौर एसपी केके बिश्नोई ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अमीखानपुर में महेंद्रनाथ की करीब 90 बीघा पैतृक भूमि है। जब कमलनाथ की ओर से इस जमीन पर उत्तराधिकार दर्ज कराने के लिए तहसीलदार न्यायालय में आवेदन किया गया, तब तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल डेविड कुमार ने जमीन को विवादित बताकर रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद जब स्टाफ ने जांच की तो पता चला कि आरोपी धर्मपाल सिंह ने अदालत में एक फर्जी वसीयत दाखिल कर रखी है। हैरानी की बात यह है कि कमलनाथ के पिता का निधन 7 सितंबर 2004 को हुआ था, जबकि आरोपियों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र में उनकी मौत की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्शाई थी।

👮 लेखपाल समेत चार लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार और फरार की तलाश जारी

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी धर्मपाल सिंह, विजय शंकर पांडेय, जसविंदर ढिल्लो और क्षेत्रीय लेखपाल डेविड कुमार को नामजद किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जमीन को सुरक्षित रखने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।