Ranchi Khunti News Update: शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा, आग की ऊंची लपटें उठने से मची अफरा-तफरी, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
झारखंड के खूंटी जिले में बुधवार की देर शाम एक बड़ा और विनाशकारी हादसा होते-होते टल गया। खूंटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (NH-20) पर स्थित इंडियन ऑयल डिपो से महज 200 से 300 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे खड़े एक खाली तेल टैंकर के केबिन में अचानक भयंकर आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि सूझबूझ दिखाते हुए चालक ने समय रहते जलते केबिन से नीचे छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई।
⚡ गाड़ी आगे-पीछे करने के दौरान केबिन से आई तेज धमाके की आवाज, चालक जियाऊल हक ने सुरक्षित बाहर निकलकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, रांची के रहने वाले चालक जियाऊल हक अपना तेल टैंकर लेकर ईंधन भरवाने के लिए डिपो पहुंचे थे। बुधवार की शाम करीब सवा सात से साढ़े सात बजे के बीच वह टैंकर को एसजीवीएस अस्पताल के ठीक सामने सड़क किनारे पार्क कर रहे थे। चालक ने बताया कि जब वह गाड़ी को आगे-पीछे कर रहे थे, तभी अचानक केबिन के हिस्से से एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और पलक झपकते ही आग की विकराल लपटें निकलने लगीं। उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत नीचे कूदकर अपनी जान बचाई।
🛢️ डिपो के पास होने से मंडरा रहा था बड़े खतरे का साया, अस्पताल कर्मी की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
चूंकि घटनास्थल इंडियन ऑयल डिपो के बेहद नजदीक था, इसलिए वहां किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से हड़कंप मच गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में आसपास कतार में खड़े अन्य तेल टैंकरों को तुरंत मौके से हटाकर सुरक्षित दूरी पर पहुंचाया गया। इसी दौरान अस्पताल के कर्मचारी तिलक सिंह ने तुरंत दमकल विभाग को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के करीब 20 मिनट के भीतर अग्निशमन विभाग का दस्ता मौके पर पहुंच गया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
🔍 शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है वजह, टैंकर खाली होने से टल गया बड़ा जानलेवा हादसा
प्रारंभिक जांच-पड़ताल में टैंकर के केबिन में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट होना मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। राहत की बात यह थी कि टैंकर पूरी तरह खाली था और समय रहते आसपास के अन्य वाहनों को भी वहां से हटा लिया गया, वरना डिपो के पास यह हादसा किसी बड़े विस्फोट में बदल सकता था।