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BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को दिए चुनावी राज्यों के निर्देश

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय मुख्यालय में मंगलवार को पार्टी के विभिन्न राज्यों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 4 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में सभी नवनियुक्त प्रभारियों और सह-प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने आवंटित राज्यों के जमीनी दौरों पर निकलें। उन्हें स्थानीय सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं व सुझाव सुनने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां संगठन और सत्ता के बीच किसी भी स्तर पर यदि कोई मतभेद या असमंजस की स्थिति है, तो उसे त्वरित रूप से दूर करने पर विशेष बल दिया गया।

🎯 पार्टी हित को सर्वोपरि रखने का निर्देश: चुनावी राज्यों में सघन दौरों का खाका तैयार

बैठक में दिए गए प्रमुख संगठनात्मक निर्देश:

  • क्षेत्रीय दौरे अनिवार्य: पार्टी अध्यक्ष की ओर से कड़ा संदेश दिया गया कि जिस पदाधिकारी को जिस राज्य का प्रभार सौंपा गया है, वे केवल बैठकों तक सीमित न रहें बल्कि धरातल पर जाकर पार्टी हित की नीतियों को आगे बढ़ाएं।

  • समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ाव: प्रभारियों को ‘विकसित भारत संकल्प’ के अभियानों, महिला मोर्चा की गतिविधियों तथा समाज के सभी वर्गों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।

  • चुनावी राज्यों पर खास फोकस: जिन प्रदेशों में आगामी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, वहां संगठन को युद्धस्तर पर सक्रिय करने और नियमित अंतराल पर जमीनी जायजा लेने की रूपरेखा तैयार की गई है।

🗳️ बूथ स्तर तक पहुंच और युवा संवाद: आलाकमान को भेजी जाएगी नियमित फीडबैक रिपोर्ट

बूथ प्रबंधन और नई रणनीति के मुख्य बिंदु:

  • बूथ स्तरीय बैठकों का निर्देश: संगठनात्मक तंत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रभारियों और सह-प्रभारियों को बूथ स्तर तक नियमित बैठकें आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

  • युवाओं से संवाद अभियान: देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने पर सहमति बनी।

  • हाईकमान को रिपोर्टिंग: प्रत्येक प्रदेश में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के फीडबैक और समन्वय की विस्तृत रिपोर्ट सीधे पार्टी आलाकमान को नियमित रूप से प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।

👥 किस दिग्गज नेता को मिला किस राज्य का प्रभार: 24 सितंबर को जारी हुई थी सूची

हालिया संगठनात्मक नियुक्तियों और जिम्मेदारियों का ब्यौरा:

  • संगठनात्मक पुनर्गठन के बाद पहली बैठक: बीते 24 सितंबर को भाजपा ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की आधिकारिक सूची जारी की थी, जिसके बाद यह समन्वय की पहली औपचारिक बैठक थी।

  • विनोद तावड़े (उत्तर प्रदेश): राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को रणनीतिक रूप से सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्य प्रभारी बनाया गया है, जिनके साथ चार सह-प्रभारी सहयोग करेंगे।

  • सतीश पूनिया (पंजाब): राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को पंजाब राज्य का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

  • राम माधव (उत्तराखंड और तमिलनाडु): वरिष्ठ नेता राम माधव को उत्तर में उत्तराखंड और दक्षिण में तमिलनाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्यों की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • स्मृति ईरानी (हरियाणा और छत्तीसगढ़): पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ राज्य के संगठन की देखरेख का दायित्व दिया गया है।

  • सुनील बंसल (पश्चिम बंगाल और तेलंगाना): अनुभवी संगठनकर्ता सुनील बंसल पश्चिम बंगाल और तेलंगाना राज्यों का प्रभार संभालेंगे।

  • विनय सहस्रबुद्धे (दिल्ली): वरिष्ठ नेता विनय सहस्रबुद्धे को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संगठन की कमान सौंपी गई है।