Motihari Encroachment Drive: सुगौली में अतिक्रमण हटाने के दौरान गिरी दीवार, महिला गंभीर घायल; जेसीबी पर पथराव से तनाव
मोतिहारी (बिहार): पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) किनारे प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सिसवनिया टोला (वार्ड संख्या-06) में प्रशासनिक दल की मौजूदगी में जब बुलडोजर (JCB) से निर्माण हटाने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक ईंट की पक्की दीवार भरभराकर गिर पड़ी।
दीवार के मलबे की चपेट में आने से एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से घायल युवती को आनन-फानन में सुगौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक चिकित्सा के पश्चात चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम मुख्य सड़क के किनारे से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान सनाउल्लाह मियां के फूसनुमा दो मकानों को जेसीबी मशीन से तोड़ा जा रहा था। अभियान के दौरान अचानक पक्की दीवार ढह गई, जिसके पास खड़ी सनाउल्लाह मियां की भतीजी लाडली प्रवीण मलबे के नीचे दबकर बुरी तरह जख्मी हो गई।
⚡ परिजनों और ग्रामीणों का उग्र विरोध: जेसीबी पर किया पथराव, मौके पर तनाव
हादसे के बाद उपजे जनाक्रोश और हंगामे का विवरण:
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अस्पताल में उपचार जारी: घायल लाडली प्रवीण को प्राथमिक उपचार के बाद मोतिहारी के उच्च चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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बुलडोजर पर पथराव: घटना से आक्रोशित परिजनों और मोहल्ले के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस हड़बड़ी वाली कार्रवाई का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जब जेसीबी मशीन मौके से निकलने लगी, तो उग्र भीड़ ने उस पर जोरदार पथराव कर दिया।
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पुलिस बल की तैनाती: पथराव और हंगामे से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को तत्काल संभाला और भीड़ को शांत कराकर हालात पर नियंत्रण पाया।
🏚️ 50 वर्षों से बसे आशियाने पर चला बुलडोजर: बेघर हुए परिवार ने की मुआवजे की मांग
पीड़ित परिवार की व्यथा और गंभीर आरोप:
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बिना समय दिए कार्रवाई का आरोप: पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें घर से जरूरी सामान निकालने या मकान खाली करने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं दिया गया और अचानक जेसीबी लगाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी गई।
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भूमिहीन होने का दावा: परिजनों का कहना है कि वे बीते करीब 50 वर्षों से इसी जमीन पर फूस का मकान बनाकर अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके पास अन्यत्र अपनी जमीन का एक धूर भी नहीं है।
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पुनर्वास और मुआवजे की गुहार: मकान जमींदोज हो जाने के बाद परिवार के सामने खुले आसमान तले रहने की नौबत आ गई है। पीड़ित परिजनों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से नुकसान का उचित मुआवजा देने तथा रहने के लिए वैकल्पिक आवास (सरकारी योजना के तहत जमीन/मकान) उपलब्ध कराने की मांग की है।
👮♂️ प्रशासनिक सतर्कता और जांच: पूरे घटनाक्रम पर रखी जा रही कड़ी नजर
प्रशासनिक रुख और सुरक्षा व्यवस्था:
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घटनाक्रम की समीक्षा: अतिक्रमण हटाने के दौरान युवती के जख्मी होने तथा उसके बाद हुए पथराव की घटना को लेकर प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की व्यापक समीक्षा कर रहे हैं।
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प्रोटोकॉल की जांच: पूरे मामले में अभियान के दौरान बरती गई सुरक्षा व्यवस्था, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और प्रभावित पक्ष को दी गई पूर्व सूचना से जुड़े वैधानिक पहलुओं की जांच की जा रही है।
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शांति व्यवस्था कायम: इलाके में फैले तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की विशेष टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है ताकि शांति व्यवस्था पूरी तरह बहाल रहे।