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Congress Protest in MP: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भोपाल में कांग्रेस का हल्लाबोल, कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा और उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से लेकर मुख्य चुनाव पदाधिकारी के कार्यालय तक एक आक्रोश रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस ने अनूठा विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रतीकात्मक रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त बने एक कार्यकर्ता को जंजीरों में जकड़कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए व्यापम चौराहे पर ही भारी बैरिकेडिंग कर इन प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस दौरान पुलिस और उग्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और कई उत्साही कार्यकर्ता व नेता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए।

🗳️ जीतू पटवारी का तीखा हमला: ‘2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत वोट चोरी का था कमाल’

इस विरोध प्रदर्शन से पहले कांग्रेस ने प्रदेश कार्यालय पर एक विशाल सभा का आयोजन किया। इस सभा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के अलावा प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया समेत कई वरिष्ठ विधायक और नेता मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, “लोकतंत्र पूरी तरह से आपसी भरोसे पर टिका हुआ है। यदि हम गांव में किसी सरपंच को भी चुनते हैं, तो उसके पीछे भी यह भरोसा होता है कि वह नियमों और निष्पक्षता से जीता है।” उन्होंने आगे कहा कि जब देश में नरेंद्र मोदी पहली बार चुनाव जीते थे, तब हमने मान लिया था कि हमारी ही किसी रणनीति में कमी रही होगी। दूसरी बार जीतने पर भी हमने स्वीकार किया कि जनता की 60 साल की सेवा में हमसे कोई चूक हुई होगी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में जब बीजेपी की 70 सीटें कम हो गईं और इसके बावजूद वे फिर से सत्ता में आ गए, तो यह साफ हो गया कि यह चमत्कार केवल ‘वोट चोरी’ का कमाल था। मध्य प्रदेश की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में जहरीली शराब पीने से लोग मर रहे हैं और नकली दवाओं के कारण मासूम बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं।

⚠️ ‘मध्य प्रदेश के युवाओं के सपने खतरे में, ज्ञानेश कुमार को पद से हटना ही होगा’

सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “आज हमें उन तमाम लोगों और युवाओं के लिए लड़ाई लड़नी है, जो गांवों में बैठकर हमारी तरफ भारी उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। हमें उस युवा वर्ग की रक्षा करनी होगी जिनके भविष्य के सपने आज पूरी तरह खतरे में पड़ चुके हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अब इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें हटना ही होगा और हमारी इस आवाज की गूंज दिल्ली तक जानी चाहिए।” वहीं प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के ठीक बाद राहुल गांधी ने तमाम पुख्ता आंकड़ों के साथ देश की जनता के सामने वोट चोरी की पूरी सच्चाई रख दी थी। उन्होंने कहा कि यह सरकार लोकतंत्र का गला घोंटकर और संविधान को कुचलकर बनाई गई है, और इसी एजेंडे को पूरा करने के लिए सरकार ने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठाया है।

⚖️ अजय सिंह और कांतिलाल भूरिया ने ईवीएम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने सभा में बोलते हुए कहा कि देश में वोट चोरी का यह खेल साल 2013 से ही शुरू हो गया था, जिसके बल पर 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई थी। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी वास्तव में लोकतंत्र की रक्षा करने का दावा करती है, तो उसे ईवीएम (EVM) का रास्ता छोड़कर पारंपरिक मतपत्रों से देश में चुनाव कराने चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने कहा कि बीजेपी देश के संविधान और लोकतंत्र को पूरी तरह से समाप्त करना चाहती है, जो इस राष्ट्र के लिए एक बड़ा कलंक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारों पर काम कर रहा है और आने वाले चुनावों से पहले कांग्रेस को ईवीएम के खिलाफ कमर कसकर मैदान में उतरना होगा। अंत में विधायक आरिफ मसूद और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें पूरी तरह से अलोकतांत्रिक तरीके से चल रही हैं, और जनता अब इस अन्याय को सहन नहीं करेगी।