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Pathankot News: जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेसवे का काम किसानों ने रुकवाया, पानी की निकासी और रास्तों को लेकर दिया धरना

पठानकोट: जिले के भोआ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गांव बलसुआ के समीप निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे (जम्मू-कटड़ा एक्सप्रेसवे) का कार्य स्थानीय किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर रुकवा दिया। कार्यस्थल पर पहुंचे किसान संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर एकत्रित होकर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

🌊 पारंपरिक रास्तों और जल निकासी की गंभीर समस्या: खेतों में पानी भरने की सता रही चिंता

किसानों की प्रमुख समस्याएं और मांगें:

  • रास्तों की कनेक्टिविटी: किसानों ने बताया कि एक्सप्रेसवे निर्माण की मौजूदा योजना के कारण उनके खेतों और गांवों को जोड़ने वाले पारंपरिक रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो रहे हैं, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में भारी मुश्किलें पेश आ रही हैं।

  • पानी की निकासी का अभाव: निर्माण कार्य के दौरान बरसाती व सिंचाई के पानी की समुचित निकासी (Drainage System) का प्रबंध नहीं किया गया है। किसानों का कहना है कि उचित पुलिया या ड्रेनेज न बनने से बरसात के दिनों में खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव का स्थायी खतरा पैदा हो जाएगा।

  • पुख्ता प्रबंधों की मांग: ग्रामीणों ने मांग की कि निर्माण कंपनी और संबंधित विभाग पहले गांवों के संपर्क मार्गों और जल निकासी के लिए उचित अंडरपास व नालों की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

⚠️ मांगों के समाधान तक काम ठप रखने का ऐलान: प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

धरने पर बैठे किसान नेताओं का रुख:

  • काम रोकने की घोषणा: धरने के दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का मौके पर तकनीकी व भौतिक समाधान नहीं किया जाता, तब तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य किसी भी कीमत पर आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

  • वार्ता की अपील: किसानों ने संबंधित निर्माण एजेंसी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे मौके का मुआयना करें और किसानों के साथ बैठकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकालें।

  • आंदोलन तेज करने की चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेताया कि यदि उनकी न्यायसंगत मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो वे इस संघर्ष को और अधिक तेज करते हुए व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।