Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105 मामलों की पुष्टि
अयोध्या। भव्य अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन और आरोपियों— अनूप मिश्रा, लवकुश और करुणेश पांडे की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इससे पूर्व भी कोर्ट तीन अन्य आरोपियों की जमानत अर्जियां निरस्त कर चुका है, और उसी आधार को ध्यान में रखते हुए इन तीनों की याचिकाओं को भी खारिज कर दिया गया।
🚓 कुल 8 में से 6 आरोपियों की जमानत खारिज: बाकी 2 आरोपियों की अर्जी पर कल होगी सुनवाई
इस बहुचर्चित मामले में कुल 8 आरोपी शामिल हैं, जिनमें से 6 की जमानत अर्जियां अब तक खारिज की जा चुकी हैं।
अब केवल दो आरोपियों— सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और टीनू यादव की जमानत अर्जी पर निर्णय होना बाकी है, जिन पर बुधवार को सुनवाई तय की गई है। दूसरी तरफ, बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकीलों का कहना है कि निचली अदालत से अर्जी खारिज होने के बाद अब वे जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
📜 धाराओं के आधार पर हाईकोर्ट जाने की तैयारी: बचाव पक्ष ने दी ये दलीलें
बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया है कि वे विवेचक (जांच अधिकारी) द्वारा दाखिल की जाने वाली चार्जशीट का अध्ययन करेंगे कि क्या उसमें आरोपित धाराओं में कोई संशोधन हुआ है।
बचाव पक्ष का दावा है कि इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सरकारी कर्मचारी द्वारा अमानत में खयानत से संबंधित धाराएं लागू नहीं होतीं, क्योंकि आरोपी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। उन्होंने दलील दी कि यदि इन दो सख्त धाराओं को हटा दिया जाए, तो शेष अपराधों में अधिकतम 7 साल की सजा का ही प्रावधान है, जिसमें आरोपी जमानत पाने के हकदार हैं।
💰 एसआईटी का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा: काउंटिंग रूम से चोरी के 105 मामलों की पुष्टि
इससे पूर्व, मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।
एसआईटी ने शीर्ष अदालत को बताया कि जांच के दौरान राम मंदिर परिसर के काउंटिंग रूम से बिना किसी अनुमति के पैसे निकालने, हेरफेर करने और छिपाने के कम से कम 105 मामलों का पता चला है। एसआईटी ने आठों मुख्य आरोपियों की पहचान करने के साथ ही यह भी पाया कि इस गिरोह ने दान गणना प्रक्रिया में शामिल कुछ अन्य लोगों से भी सांठगांठ की थी।
🏦 चोरी की रकम से बनाई संपत्तियां: एसआईटी ने बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की बनाई सूची
एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट में प्रत्येक आरोपी द्वारा कथित रूप से चुराई गई राशि का ब्योरा दिया गया है।
जांच दल ने पाया कि आठों आरोपियों के बैंक खातों में बिना किसी स्पष्ट आय स्रोत के बड़ी रकम जमा की गई थी। इसके अलावा, एसआईटी ने आरोपियों द्वारा चोरी के पैसों से खरीदी गई चल और अचल संपत्तियों को चिन्हित कर लिया है तथा अब तक की गई जब्ती व रिकवरी की विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष पेश की है।