Vrindavan News Today: रमणरेती क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू; आश्रम की रेलिंग टूटने से घायल हुए 4 भक्त, पुलिस ने संभाला मोर्चा
वृंदावन। पावन राधाष्टमी पर्व के अवसर पर शनिवार सुबह प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित ‘श्री राधा केलि कुंज’ आश्रम पहुंचने की खबर मिलते ही रमणरेती क्षेत्र में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
प्रेमानंद महाराज के दर्शन पाने की लालसा में देर रात से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होने लगी थी। इसी दौरान श्री राधा केलि कुंज आश्रम के समीप स्थित एक अन्य आश्रम में अचानक लोहे की रेलिंग टूट जाने से हड़कंप मच गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
⚠️ सुबह 4:30 बजे अत्यधिक दबाव से टूटी लोहे की रेलिंग: आश्रम से बाहर निकलते वक्त हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे श्रद्धालुओं की आवक लगातार बढ़ने लगी।
श्री राधा केलि कुंज आश्रम के पास स्थित एक आश्रम से बाहर निकलने की होड़ में श्रद्धालुओं का भारी दबाव लोहे की रेलिंग पर आ गया। अचानक दबाव बढ़ने से रेलिंग उखड़कर टूट गई, जिससे श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। इस दुखद हादसे में चार श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर सामने आई, जिसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया।
🚑 पुलिस टीम ने संभाली कमान: घायलों को भेजा अस्पताल, प्राथमिक इलाज के बाद मिली छुट्टी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही रमणरेती चौकी प्रभारी शुभांशु यादव पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने राहत कार्य चलाते हुए सभी घायल श्रद्धालुओं को त्वरित इलाज के लिए संयुक्त चिकित्सालय भिजवाया। डॉक्टरों के अनुसार, प्राथमिक उपचार प्रदान करने के बाद सभी घायलों की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
हादसे में घायल हुए श्रद्धालु:
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अनूप कुमार (निवासी— सीतापुर, उत्तर प्रदेश)
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अवधेश कुमार (निवासी— पीलीभीत, उत्तर प्रदेश)
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वैद्यनाथ शर्मा (निवासी— राजपुर, पश्चिम बंगाल)
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सत्यदेव तिवारी (निवासी— बघनपुर, सागर, मध्य प्रदेश)
🚔 3 महीने के एकांतवास के बाद लौटे थे महाराज: पुलिस और शिष्यों ने संभाला भीड़ प्रबंधन
उल्लेखनीय है कि संत प्रेमानंद महाराज पिछले करीब तीन महीनों से यमुना पार स्थित अपने ‘यमुना विहार’ आश्रम में एकांतवास साधना कर रहे थे।
राधाष्टमी के शुभ अवसर पर उनके पुनः ‘श्री राधा केलि कुंज’ आश्रम आगमन की जानकारी जैसे ही फैली, रमणरेती क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन और आश्रम के सेवादारों व शिष्यों को भीड़ नियंत्रण के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आवाजाही के रास्तों को डायवर्ट कर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।